Amarinder Singh resigns as Chief Minister of Punjab पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शनिवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक से पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया. अमरिंदर सिंह शाम करीब साढ़े चार बजे राज्यपाल से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपा. इससे पहले, अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से बात की और बार-बार हो रहे ‘अपमान’ को लेकर नाराजगी एवं नाखुशी जताई.Also Read - Sindhu Border Lynching Case: सोनीपत कोर्ट ने तीन आरोपियों को 6 दिन की पुलिस कस्‍टडी में भेजा

पंजाब सीएम के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब के राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें और उनके मंत्रिपरिषद का इस्तीफा सौंप दिया है. सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने अपने समर्थक विधायकों के साथ बैठक में इस्तीफा देने के बारे में फैसला किया था. कांग्रेस आलाकमान के निर्देश पर शनिवार शाम पांच बजे पार्टी के विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी. गौरतलब है कि पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव हैं. Also Read - Sindhu Border Lynching Case: हिरासत से पहले दो आरोपी निहंगों को मालाएं पहनाईं गईं, पैर छूकर कर दी विदाई, दो पहले ही हो चुके अरेस्‍ट

इस्तीफे के बाद क्या बोले कैप्टन अमरिंदर सिंह Also Read - Singhu Border Killing Arrest: पंजाब के अमृतसर जिले से दूसरा आरोपी नारायण सिंह गिरफ्तार, बताया कैसे पैर काटा

पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि उन्हें बार बार अपमानित किया गया. अमरिंदर सिंह ने कहा, “पिछले कुछ महीनों मे तीसरी बार ये हो रहा है कि विधायकों को दिल्ली में बुलाया गया. मैं समझता हूं कि अगर मेरे ऊपर कोई संदेह है, मैं सरकार चला नहीं सका, जिस तरीके से बात हुई है मैं अपमानित महसूस कर रहा हूं.”

उन्होंने कहा, “मैंने सुबह सोनिया गांधी से कहा था कि मैं आज मुख्यमंत्री पद छोड़ दूँगा.” उन्होंने ये भी कहा कि आगे की राजनीति का मेरा विकल्प खुला हुआ है. उन्होंने कहा, “मैंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया है. फ्यूचर पॉलिटिक्स हमेशा एक विकल्प होती है और जब मुझे मौका मिलेगा मैं उसका इस्तेमाल करूंगा.” अमरिंदर सिंह ने कहा, “मैं कांग्रेस पार्टी में हूं और अपने साथियों से बात करूंगा. उसके बाद हम आगे की राजनीति के बारे में निर्णय लेंगे. ये उनकी मर्जी़ है जिसको मर्ज़ी हो मुख्यमंत्री बनाएं.”

यह पूछे जाने पर कि उनकी भविष्य की रणनीति क्या होगी तो अमरिंदर सिंह ने कहा, ‘‘मेरी 52 साल की राजनीति में जिन लोगों ने मेरा साथ दिया, उनके साथ बातचीत करने के बाद इस बारे में फैसला करूंगा.’’ इस सवाल पर कि क्या वह नए मुख्यमंत्री का फैसला करेंगे तो उन्होंने कहा कि अपने साथियों से चर्चा के बाद ही कोई निर्णय लेंगे. उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘जहां तक मेरी भविष्य की राजनीति का सवाल है, तो एक विकल्प हमेशा रहता है, समय आने पर उस विकल्प को देखूंगा. मैं अपने साथियों से बात करके कोई फैसला करूंगा.’’

इससे पहले, कांग्रेस के 50 से अधिक विधायकों ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री के पद से हटाने की मांग की थी. इसी पत्र के बाद पार्टी आलाकमान ने विधायक दल की बैठक बुलाने का निर्देश दिया. इस्तीफा देने से पहले, अमरिंदर सिंह ने अपने आवास पर समर्थक विधायकों की बैठक की. सूत्रों का कहना है कि करीब 15 विधायकों एवं मंत्रियों ने उनके प्रति अपना समर्थन जताया, जबकि राज्य की 117 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के करीब 80 विधायक हैं.

पंजाब के सीएम पद की दौड़ में सुनील जाखड़ सबसे आगे

पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं, सूत्रों ने कहा कि पार्टी आप का मुकाबला करने के लिए चुनाव से पहले गैर सिख चेहरा पेश करना चाहती है, जो राज्य में मजबूत हो रही है. सूत्रों का कहना है कि पार्टी चुनाव में एक सिख, नवजोत सिंह सिद्धू को राज्य पार्टी प्रमुख और गैर सिख संयोजन के रूप में चाहती है. दूसरा नाम जो सामने आ रहा है वह प्रताप सिंह बाजवा का है.