Lockdown In Punjab: कोरोना की बदतर हो चुकी स्थिति की वजह से देश के कई राज्यों ने इस पर काबू पाने के लिए अपने यहां लॉकडाउन लगा दिया है. ऐसे में पंजाब में भी आशंका जताई जा रही है कि वहां लॉकडाउन लगाया जा सकता है. पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ में पहले से ही वीकेंड लॉकडाउन है. पंजाब की स्थिति लगातार बिगड़ रही है.Also Read - इजराइल में घूमिये ये 10 खूबसूरत जगहें, टूरिस्टों को अब नहीं कराना होगा RT-PCR टेस्ट

सीएम अमरिंदर सिंह ने राज्य में कोरोना वायरस की स्थिति के खराब होने की आशंका व्यक्त करते हुए सोमवार को कहा कि वह कोविड-19 के कारण उपजे हालात से निपटने के लिए फिलहाल लॉकडाउन लगाने के पक्ष में नहीं हैं. Also Read - भारत में Omicron के सब वेरिएंट BA.5 के एक और मरीज की पुष्टि, दक्षिण अफ्रीका से वडोदरा आया था शख्स

मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी एक बैठक में की है. इससे एक दिन पहले राज्य में सात हजार से अधिक नए मामले सामने आए थे जो पिछले साल महामारी के प्रकोप के शुरू होने के बाद एक दिन में सर्वाधिक मामले हैं. Also Read - सऊदी अरब में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामले, भारत समेत इन देशों में यात्रा करने पर लगा प्रतिबंध

सिंह ने बताया कि हालात और बिगड़ने का अंदेशा है, खासकर दक्षिण पंजाब में. उन्होंने कहा कि सिर्फ लुधियाना में रविवार को 1300 से ज्यादा मामले आए थे.

एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कहा कि मामलों में वृद्धि से निपटने के लिए कड़े उपाय किए जा रहे हैं किंतु वह राज्य में लॉकडाउन का प्रस्ताव नहीं कर रहे हैं, क्योंकि इससे आर्थिक परेशानियां आती हैं और प्रवासी मजदूरों का पलायन होता है.

सिंह ने एक अन्य बैठक में कहा कि राज्य सरकार ऑक्सीजन के अपने घटते भंडारण को भरने के लिए ऑक्सीजन को हासिल करने के सभी प्रयास कर रही है.

उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन के 105 टन के कोटा में से, राज्य को सिर्फ 85 टन ऑक्सीजन मिल रही और बाकी पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ भेजी जा रही है.

मुख्यमंत्री ने कोविड रोधी टीके की आपूर्ति के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को केंद्र के साथ संपर्क में रहने का निर्देश दिया है.

इस बीच सेना की पश्चिमी कमान ने राज्य के निष्क्रिय पड़े ऑक्सीजन संयंत्रों को फिर से परिचालन योग्य बनाने आश्वासन दिया है.

पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टीनेंट जनरल आर पी सिंह ने मुख्यमंत्री के साथ एक ऑनलाइन बैठक में 100 बिस्तरों के कोविड केंद्र को चलाने के लिए कर्मी उपलब्ध कराने की पेशकश की है. इस केंद्र को वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद द्वारा राज्य सरकार से ली गई एक इमारत में स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है.