farmers agitation: तीन कृषि कानूनों के खिलाफ राजधानी दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर पिछले लगभग छह सप्ताह से जारी आंदोलन के बीच मंगलवार को पंजाब के भाजपा नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की. पंजाब भाजपा के नेता और पूर्व मंत्री सुरजीत कुमार ज्याणी और हरजीत सिंह ग्रेवाल ने प्रधानमंत्री मोदी से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की.Also Read - राकेश टिकैत ने कहा- लोकसभा में कृषि कानून वापस होना 750 मृत किसानों को श्रद्धांजलि, MSP के लिए डटे रहेंगे

भाजपा नेता हरजीत सिंह ग्रेवाल ने पीएम से मुलाकात के बाद कहा कि किसानों के आंदोलन में माओवादियों ने प्रवेश कर लिया है वे इस मुद्दे को हल नहीं होने दे रहे. वहीं ज्याणी ने कहा कि पीएम पंजाब को अच्छी तरह से समझते हैं और किसानों को प्राथमिकता देते हैं. प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद पंजाब के भाजपा नेता सुरजीत कुमार ज्याणी ने कहा कि किसानों को अड़ना नहीं चाहिए, उन्हें कृषि कानूनों को निरस्त करने की अपनी मांग छोड़ देनी चाहिए. Also Read - Parliament Winter Session Today: विपक्ष के हंगामे के बीच संसद के दोनों सदनों से कृषि कानून वापसी बिल पास

ज्याणी को पिछले साल तीन कृषि विधेयकों पर पंजाब के किसानों से चर्चा के लिए भाजपा की ओर से गठित किसान समन्वय समिति की अध्यक्षता सौंपी गई थी. उस समय ये विधेयक संसद से पारित नहीं हुए थे. ग्रेवाल भी इस समिति के सदस्य थे. Also Read - लोकसभा के बाद सोमवार को ही राज्यसभा में पेश हो सकता है कृषि कानूनों को निरस्त करने वाला विधेयक, BJP ने अपने सांसदों को 'पूरी तैयारी' से आने को कहा

ग्रेवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री से उनकी मुलाकात पंजाब संबंधी मुद्दों पर थी. उन्होंने इसकी विस्तृत जानकारी नहीं दी. पंजाब भाजपा के इन नेताओं की प्रधानमंत्री से मुलाकात सरकार और किसानों के बीच सोमवार को संपन्न हुई सातवें दौर की वार्ता के ठीक एक दिन बाद हुई है. उस बैठक में गतिरोध का कोई समाधान नहीं निकल सका था.

(इनपुट भाषा)