PM की सुरक्षा में चूक मामले पर SC ने केंद्र से कहा, जब सब पहले से तय तो कोर्ट क्यों आए; रिटायर्ड जज की अगुवाई में बनाई गई कमेटी

PM Modi Security Breach: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की सुरक्षा में हुई चूक के मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में दायर चाचिका पर आज सुनवाई हुई.

Updated: January 10, 2022 2:28 PM IST

By Nitesh Srivastava

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PM Modi Security Breach: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की सुरक्षा में हुई चूक के मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में दायर चाचिका पर आज सुनवाई हुई. इस दौरान कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि जब आप सब पहले से ही तय कर चुके हैं तो कोर्ट में क्यों आए. साथ ही कोर्ट ने रिटार्यड जज की अगुवाई में एक कमेटी बनाई है जो मामले की जांच करेगी. इस पर दोनों पक्षों की तरफ से कोई आपत्ति नहीं दर्ज की गई. दरअसल कोर्ट ने जब केंद्र की दरख्वास्त देखी तो उसमें लिखी गई बातों से यह प्रतीत हुआ कि पूरे मामले के लिए पंजाब दोषी है. इस पर कोर्ट ने कहा कि जब आप सब तय कर चुके हैं तो केंद्र के पास किस लिए आए हैं. कोर्ट ने कहा कि मामले की जांच के लिए केन्द्र और पंजाब द्वारा गठित अलग-अलग समितियों पर रोक जारी रहेगी.

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मामले में विस्तृत सुनवाई के बाद, CJI एनवी रमण की अध्यक्षता वाली और जस्टिस सूर्यकांत और हेमा कोहली की बेंच ने कहा कि कोर्ट पीएम के सुरक्षा उल्लंघन की जांच के लिए एक सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस की अध्यक्षता में एक समिति का गठन करेगी. कोर्ट ने साथ ही केंद्र और पंजाब सरकार से अपनी-अपनी जांच आगे नहीं बढ़ाने को कहा है. बेंच ने कहा कि वह इस मामले में विस्तृत आदेश पारित करेगी. सुनवाई के दौरान, पीठ ने मौखिक रूप से प्रस्ताव दिया कि समिति के अन्य सदस्य पुलिस महानिदेशक (DGP) चंडीगढ़, महानिरीक्षक (IG) राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), रजिस्ट्रार जनरल (पंजाब और हरियाणा HC), और अतिरिक्त डीजीपी (सुरक्षा) पंजाब होंगे.

बेंच ने कहा कि हम पीएम के सुरक्षा उल्लंघन को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह कमेटी से कम समय में अपनी रिपोर्ट उसे सौंपने को कहेगी. पंजाब सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे एडवोकेट जनरल डीएस पटवालिया ने इसके मुख्य सचिव और डीजीपी को कारण बताओ नोटिस के खिलाफ शिकायत की. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से मामले की जांच के लिए एक स्वतंत्र समिति गठित करने का अनुरोध किया. पटवालिया ने कहा कि अगर मैं दोषी हूं तो मुझे फांसी दे दो.. लेकिन मेरी अनसुनी निंदा मत करो.

इनपुट एजेंसी IANS से भी

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Published Date: January 10, 2022 12:20 PM IST

Updated Date: January 10, 2022 2:28 PM IST