नई दिल्ली: नवजोत सिंह सिद्धू के पंजाब कांग्रेस प्रमुख के रूप में पद धारण करने के बाद पार्टी के सूत्रों ने संकेत दिया है कि नए चेहरों को शामिल करने के साथ राज्य मंत्रिमंडल का विस्तार होने की संभावना है. कई लोगों के दिमाग में नवजोत सिंह सिद्धू का भी नाम है कि क्या सिद्धू को भी मंत्री बनाया जा सकता है?Also Read - अशोक गहलोत ने कहा- इस साल जल्दी आ सकता है राजस्थान का बजट, हम इसके बाद ही चुनाव में जाएंगे

फिलहाल, राज कुमार वेरका और राणा केपी दो संभावित उम्मीदवार हैं जिनके नाम कांग्रेस हलकों में घूम रहे हैं. वेरका दलित नेता हैं जिन्हें सिद्धू का करीबी बताया जाता है और राणा ओबीसी नेता होने के साथ-साथ विधानसभा अध्यक्ष भी हैं. सूत्रों ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह कैबिनेट से कुछ मंत्रियों को बाहर कर सकते हैं. इस संबंध में गुरप्रीत कांगड़ और चरणजीत चन्नी का नाम लिया जा रहा है. राज्य पार्टी संगठन में और बदलाव मंत्री पद के फेरबदल के बाद हो सकते हैं. Also Read - पीएम मोदी की रैली कवर करने को पत्रकारों से मांगा 'चरित्र प्रमाणपत्र', कांग्रेस-आप ने साधा निशाना

कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 18 जुलाई को सिद्धू को चार कार्यकारी अध्यक्षों कुलजीत सिंह नागरा, संगत सिंह गिलजियान, सुखविंदर सिंह डैनी और पवन गोयल के साथ पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त किया था. हालांकि मुख्यमंत्री ने शुरू में सिद्धू की पदोन्नति का विरोध किया था, लेकिन लगता है कि वह पार्टी में अपने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ नरम हो चुके हैं – कम से कम सार्वजनिक रूप से. Also Read - Congress President Election: खड़गे के समर्थन में आए केरल कांग्रेस अध्यक्ष, थरूर बोले- सीनियर नेताओं के समर्थन की उम्मीद भी नहीं

शुक्रवार 23 जुलाई को दोनों नेताओं ने लंबे ब्रेक के बाद साथ में मंच साझा किया. मुख्यमंत्री ने पीसीसी अध्यक्ष के रूप में सिद्धू के ताजपोशी में भी शिरकत की. सिद्धू के कार्यभार संभालने से पहले उन्होंने यहां पंजाब भवन में मुख्यमंत्री से चाय पर मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच आमने-सामने की मुलाकात को सौहार्दपूर्ण बताया गया. इस मामले पर आगे की अटकलों को समाप्त करने के लिए, अमरिंदर सिंह ने कहा, “हम पंजाब के लिए एक साथ काम करेंगे. न केवल पंजाब के लिए, बल्कि भारत के लिए. हम पाकिस्तान के साथ एक लंबी सीमा साझा करते हैं.”