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Punjab Assembly Elections 2022: पंजाब में संयुक्त समाज मोर्चा का गुरनाम सिंह चढूनी से गठबंधन, दस सीटों पर चुनाव लड़ेगी पार्टी

Punjab Assembly Elections 2022: पार्टी नेता प्रेम सिंह ने बताया कि हमारा दल अभी तक 57 उम्मीदवारों का ऐलान कर चुका है, जबकि अन्य उम्मीदवारों की घोषणा अगले दो तीन दिन में होने की संभावना है.

Published: January 20, 2022 9:09 AM IST

By India.com Hindi News Desk | Edited by Ikramuddin Saifi

Punjab polls 2022

Punjab Assembly Elections 2022: पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए बलबीर सिंह राजेवाल (Balbir Singh Rajewal) के नेतृत्व वाले संयुक्त समाज मोर्चा (SSM) ने गुरनाम सिंह चढूनी (Gurnam Singh Chaduni) की सयुंक्त संघर्ष पार्टी (SSP) से गठबंधन किया है. हरियाणा के किसान नेता चढूनी ने घोषणा की है एसएसपी 10 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. उन्होंने बीते बुधवार को बताया कि एसएसपी और एसएसएम पंजाब विधानसभा चुनाव में एक समझौते पर पहुंचा है. जिसके तहत हम दस सीटों पर चुनाव लड़ेंगे. किसान यूनियनों के राजनीतिक दल संयुक्त समाज मोर्चा ने बुधवार शाम को ही अपने 17 उम्मीदवारों का ऐलान किया है. पार्टी नेता प्रेम सिंह ने बताया कि हमारा दल अभी तक 57 उम्मीदवारों का ऐलान कर चुका है, जबकि अन्य उम्मीदवारों की घोषणा अगले दो तीन दिन में होने की संभावना है.

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किसान की 22 यूनियन ने बनाया राजनीतिक दल

कुछ समय पहले ही तीन विवादित कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) का हिस्सा रही किसानों की 22 यूनियनों ने पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए एक राजनीतिक मोर्चा ‘संयुक्त समाज मोर्चा’ बनाया है. मुख्यमंत्री के चेहरे बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि वे जनता की मांग पर ऐसा कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘कुछ यूनियन इसके खिलाफ हैं, लेकिन वे विरोध नहीं करेंगी.’ संयुक्त किसान मोर्चा का हिस्सा रही राज्य से संबंधित दस अन्य यूनियनों ने राजनीतिक मोर्चे का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया है. इनमें क्रांतिकारी किसान यूनियन (दर्शन पाल), बीकेयू क्रांतिकारी (सुरजीत फूल) और बीकेयू सिद्धूपुर (जगजीत दल्लेवाल) शामिल हैं.

राजनीतिक मोर्चा बनाने से कमजोर होगा किसानों का आंदोलन

राजनीतिक मोर्चा बनाने पर किसान नेता दर्शन पाल ने कहा, ‘किसानों की अधिकांश मांगों जैसे एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) को अभी स्वीकार नहीं किया गया है. राजनीतिक मोर्चा शुरू करने से किसानों का आंदोलन कमजोर हो सकता है.’ उन्होंने कहा कि एसकेएम का गठन बड़े उद्देश्य के लिए किया गया था और उन्होंने सुझाव दिया है कि किसान नेताओं को राजनीति में प्रवेश करके किसानों के साथ अन्याय नहीं करना चाहिए. पाल ने कहा, ‘हर यूनियन को अपने फैसले लेने का अधिकार है’ हमने देश भर के किसानों का विश्वास अर्जित किया है और हम राजनीति में नहीं आएंगे.’ (एजेंसी इनपुट्स)

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Published Date: January 20, 2022 9:09 AM IST