Punjab News Update: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (CM Captain Amarinder Singh) ने आज शनिवार को अपने पांच मंत्रियों के भारी विरोध के बावजूद अनुकंपा के आधार पर दो विधायकों के बेटों को सरकारी नौकरी देने के फैसले को मंजूरी दे दी. सीएम अमरिंदर की मंजूरी के बाद पंजाब सरकार ने कादियां से विधायक फतह जंग सिंह बाजवा के बेटे अर्जुन प्रातप सिंह बाजपा को पंजाब में पुलिस इंस्पेक्टर नियुक्त किया है. लुधियाना नॉर्थ से विधायक राकेश पांडे के बेटे भिषम पांडे को राजस्व विभाग ने नायब तहसीलदार के पद पर नियुक्त किया है.Also Read - Punjab News: सिद्धू बने पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष, चार कार्यकारी अध्यक्ष भी नियुक्त; सोनिया गांधी ने जारी किया आदेश

पंजाब सरकार के इस फैसले के खिलाफ आवाज उठाने वाले मंत्रियों में रजिया सुल्ताना, सुखबिंदर सिंह सरकारिया, सुखजिंदर सिंह रंधावा, चरणजीत सिंह चन्नी, त्रिपत राजिंदर सिंह बाजवा शामिल हैं. मंत्रियों ने दलील दी कि दोनों के पास करोड़ों रुपए की संपत्ति है और इन्हें सरकारी नौकरी की जरुरत नहीं है. राज्य सरकार ने अर्जुन और भिषम को 34 साल पहले उनके दादा की हत्या के मामले में बतौर अनुकंपा के आधार इन नियुक्तियों को मंजूरी दी. अर्जुन के दादा सतनाम सिंह बाजवा पंजाब सरकार में मंत्री थे. उन्होंने साल 1987 में राज्य में शांति और सद्भाव के लिए अपने जान दे दी. भिषम के दादा जोगिंदर पाल सिंह की 1987 में ही आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी. Also Read - AAP का आरोप, 'पंजाब सरकार केजरीवाल को प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करने दे रही; अमरिंदर बोले- हम लंच तक देने को तैयार

सरकार ने दोनों नियुक्तियों को नियमों में एकमुश्त छूट की अनुमति देते हुए कहा कि इसे मिसाल नहीं माना जाएगा. हालांकि सरकार के इस फैसले का विरोध अब पार्टी के विधायक भी करने लगे हैं. कांग्रेस विधायक कुलजीत नागरा ने सरकार से अपील करते हुए कैबिनेट से इस फैसले को वापस लेने के लिए कहा है. Also Read - Punjab Unlock Update: पंजाब में आज से सभी स्टेडियम खोलने का आदेश, जिला अधिकारियों को नोटिस जारी

हालांकि सरकार ने इन नियुक्तियों के ऐसे समय में मजूरी दी है जब सीएम अमरिंदर सिंह पार्टी में प्रताप सिंह बाजवा (Pratap Singh Bajwa) और नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) सहित कई नेताओं के असंतोष का सामना कर रहे हैं. सरकारी नौकरी पाए अर्जुन और भिषण खुद विरोधी धड़ें का कथित तौर पर समर्थन करते रहे हैं. अब दोनों की नियुक्तियों के बाद सीएम अमरिंदर के नवजोत सिद्धू पर पलटवार करने की उम्मीद है.