Punjab Politics:पंजाब कांग्रेस में मचे घमासान के बाद लग रहा है कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की कुर्सी अब खतरे में पड़ सकती है. सीएम कैप्टन अमरिंदर से नाराज 40 विधायकों की चिट्ठी के बाद कांग्रेस हाईकमान ने बड़ा फैसला लेते हुए आज शाम 5 बजे चंडीगढ़ स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में विधायक दल की बैठक बुलाई है, जिसमें कैप्टन अमरिंदर की अग्निपरीक्षा भी हो सकती है. इसे लेकर पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने ट्वीट किया है जिसमें कहा गया है कि इस बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर अजय माकन और हरीश चौधरी भी मौजूद रहेंगे और पूरी रिपोर्ट तैयार कर हाईकमान को भेजेंगे.Also Read - सिद्धू का नया पैंतरा-पहले इस्तीफा, फिर लिया वापस, अब सोनिया गांधी को लिखा खत, मिलना चाहता हूं

हरीश रावत ने ट्वीट कर दी बैठक की जानकारी Also Read - नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब में बने रहेंगे कांग्रेस के 'कैप्टन', राहुल गांधी से मुलाकात के बाद वापस लिया इस्तीफा

बता दें कि पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद शुक्रवार आधी रात को सोशल मीडिया पर विधायक दल की मीटिंग के बारे में जानकारी दी है. पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत आज अजय माकन और हरीश चौधरी के साथ चंडीगढ़ पहुंचेंगे, जिन्हें पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. Also Read - हाईकमान से मिलने के बाद नरम पड़े सिद्धू के तेवर! हरीश रावत बोले- बने रहेंगे पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष; आज होगी घोषणा

पंजाब कांग्रेस महासचिव ने कहा-कहीं कोई दिक्कत नहीं 

आज की सीएलपी बैठक के बारे में पंजाब कांग्रेस महासचिव परगट सिंह ने कहा कि पार्टी की कुछ आंतरिक नीतियां हैं, उसी पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई गई है. कहीं कोई परेशानी नहीं है (पार्टी के भीतर), मुझे लगता है कि हर किसी का अपना नजरिया होता है और इसे सीएलपी की बैठक में सुना जाना चाहिए कि आखिर समस्या क्या है ?

कहा जा रहा है कि कांग्रेस विधायक दल की बैठक में बागी विधायकों की बात सुनी जाएगी और बागियों के रुख को देखकर साफ है कि इसके जरिए कैप्टन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी की जा रही है. बागी ग्रुप की तरफ से हरीश रावत पर भी सवाल उठाए जा रहे थे, ऐसे में आज की बैठक के लिए दो पर्यवेक्षक भेजे जा रहे हैं, ताकि बाद में किसी को सवाल उठाने का मौका न मिल

बागियों से निपटने के लिए कैप्टन तलाश रहे रास्ते
कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाए जाने की सूचना मिलते ही सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी अपने करीबी विधायकों को सिसवां फार्म हाउस पर बैठक के लिए बुला लिया है. इसे देखते हुए माना जा रहा है कि कैप्टन ये स्ट्रैटजी बनाने में जुटे हैं कि अगर बागी ग्रुप अविश्वास प्रस्ताव लाता है तो उससे कैसे निपटा जाएगा.

सिद्धू के पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बनाने के बाद बढ़ गई है खींचतान
नवजोत सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने के बाद से ही राज्य में पार्टी की आपस में खींचतान बढ़ गई थी. खासतौर से कैप्टन के विरोधी गुट ने दूसरी बार मोर्चा खोल दिया है, जबकि अगले साल यहां विधानसभा चुनाव भी होने हैं. ऐसे में कांग्रेस चाहेगी कि जल्द से जल्द इस मामले को सुलझा लिया जाए. हालांकि कैप्टन के खिलाफ बगावत का हर दांव अभी तक फेल रहा है.ऐसे में अब सिद्धू खेमा पूरा जोर लगाएगा कि आज की बैठक में ही कैप्टन को कुर्सी से हटाने का फैसला हो जाए.