Punjab Ke CM: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्रियों की सीरीज में (Chief Ministers Of Punjab) आज हम बात कर रहे हैं राज्य की पहली और अब तक की एकमात्र महिला मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्टल (Rajinder Kaur Bhattal) के बारे में. वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजिंदर कौर भट्टल अप्रैल 1996 से फरवरी 1997 तक राज्य की मुख्यमंत्री रहीं. हालांकि भट्टल सिर्फ 82 दिन की मुख्यमंत्री रहीं, लेकिन अब तक उनके नाम पहली महिला मुख्यमंत्री का रिकॉर्ड दर्ज है.Also Read - Uttar Pradesh Vidhan Sabha: आठ बार के विधायक सतीश महाना का विधानसभा अध्यक्ष बनना तय

राजिंदर कौर भट्टल इस बार फिर चुनाव मैदान में हैं. पार्टी ने उन्हें संगरूर जिले की लेहरा से टिकट दिया है. राजिंदर कौर भट्टल का जन्म 30 सितंबर 1945 को अविभाजित पंजाब के लाहौर में हुआ था. उनकी शादी संगरूर जिले के लेहरगागा गांव चांगाली वाला में लाल सिंह सिद्धू से हुई थी और उनके दो बच्चे एक लड़की और एक लड़का है. Also Read - Punjab Cabinet Ministers List 2022: ये हैं पंजाब के नए मंत्री, मंत्रालयों और जिम्मेदारियों के बारे में यहां जानें

देश की 8वीं महिला मुख्यमंत्री

हरचरण सिंह बराड़ के इस्तीफे के बाद भट्टल पंजाब की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं. उन्होंने अप्रैल 1996 से फरवरी 1997 तक वह इस पद पर रहीं. वह भारतीय इतिहास की 8वीं महिला मुख्यमंत्री थीं. पंजाब में फरवरी 1997 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ा. मुख्यमंत्री रहते हुए राजिंदर कौर भट्टल ने छोटे किसानों के लिए मुफ्त बिजली देने की योजना की शुरुआत की थी. Also Read - Uttarakhand Cabinet Ministers List 2022: ये हैं उत्तराखंड के नए मंत्री, पुष्कर सिंह धामी सहित सभी ने आज PM Modi की मौजूदगी में ली शपथ

विवादों से भी नाता

मुख्यमंत्री का पद गंवाने के बाद राजिंदर कौर भट्टल को 1997 में पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया. उन्हें विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है. हालांकि बहुत जल्द ही उनसे यह जिम्मेदारी वापस ले ली गई. माना गया कि उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व को राज्य के नेताओं के बारे में गलत जानकारी दी. इससे अमरिंदर सिंह से उनका विवाद हो गया और अमरिंदर सिंह को राज्य में कांग्रेस की कमान सौंप दी गई. साल 2003 में भट्टल ने यह घोषणा की कि वह अमरिंदर सिंह को सीएम पद से हटा देंगी. उन्होंने 14 बागी विधायकों को अपने पाले में लिया. हालांकि बाद में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के हस्तक्षेप के बाद यह मामला शांत हुआ और उन्हें अमरिंदर सरकार में डिप्टी सीएम बनाया गया.

अमरिंदर सरकार में रहीं डिप्टी सीएम

जनवरी 2004 में भट्टल कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में उपमुख्यमंत्री बनीं. इसके बाद मार्च 2007 में भट्टल को पंजाब विधानसभा में एक बार फिर विधायक दल का नेता बनाया गया, हालांकि विवाद बढ़ गया और अप्रैल 2008 में पार्टी आलाकमान को एक बार फिर से हस्तक्षेप करना पड़ा. इस बार अमरिंदर सिंह और भट्टल दोनों को अपनी असहमतियों के बारे में मीडिया से बात करने से रोका गया. जून 2011 तक भट्टल पंजाब कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता बनी रहीं. भट्टल उन 42 कांग्रेस विधायकों में से एक थीं, जिन्होंने सतलुज-यमुना लिंक जल नहर के असंवैधानिक रूप से पंजाब के सत्तारूढ़ पंजाब के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के विरोध में अपना इस्तीफा सौंप दिया था.

लेहरा से लगातार पांच बार विधायक

राजिंदर कौर भट्टल संगरूर जिले की लेहरा विधानसभा सीट पर लगातार पांच बार विधायक रहीं. हालांकि 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. भट्टल यहां पहली बार 1992 में चुनाव जीतीं. इसके बार 1997, 2002, 2007 और 2012 में चुनाव जीता. 2017 के चुनाव में उन्हें शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) के परमिंदर सिंह ढीडसा से हार मिली.