Tractor Rally Violence: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh) ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस के मौके पर हुयी हिंसा, खास कर लाल किले में जो कुछ हुआ वह ‘राष्ट्र का अपमान’ है. हाथों में लाठी, कृपाण एवं तिरंगा लिये हजारों किसान ट्रैक्टरों पर सवार होकर विभिन्न स्थानों पर अवरोधकों को तोड़ते हुए राजधानी में प्रवेश किये जिनकी पुलिस के साथ झड़प हुयी. इनमें से लाल किले की घेराबंदी करने के लिये विभिन्न प्रवेश बिंदुओं से निकल पड़े. Also Read - Viral Video: 83 साल के फारूक अब्दुल्ला ने 'आजकल तेरे मेरे प्‍यार के चर्चे' की धुन पर किया डांस, कैप्‍टन अमरिंदर के साथ आए नजर

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना ने देश को शर्मसार किया है और इससे किसान आंदोलन कमजोर हुआ है . उन्होंने हालांकि, यह स्पष्ट किया कि वह किसानों के साथ खड़े हैं क्योंकि केंद्र का कृषि कानून ‘‘गलत’’ और भारत की संघीय व्यवस्था के ‘‘खिलाफ’’ है. Also Read - पंजाब के CM अमरिंदर सिंह के मुख्य सलाहकार बने चुनावी रणनीतिकार Prashant Kishor, मिला कैबिनेट मंत्री का दर्जा

कैप्टन ने कहा कि लाल किला स्वतंत्र भारत का प्रतीक है और देश की आजादी के लिये तथा इस ऐतिहासिक किले के शीर्ष पर राष्ट्रीय ध्वज को फहरते हुये देखने के लिये हजारों लोगों ने अपने जीवन का बलिदान दिया है. उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने देश की आजादी के लिये अहिंसा का सहारा लिया. मुख्यमंत्री ने बयान जारी कर कहा, ‘‘राष्ट्रीय राजधानी में कल (मंगलवार) जो कुछ हुआ उससे मेरा सिर शर्म से झुक गया है.’’ Also Read - लाल किला हिंसा: आरोपी मनिंदर सिंह को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 26 जनवरी की हिंसा में था शामिल

उन्होंने कहा, ‘‘जिसने भी ऐसा किया है उसने देश को शर्मसार किया है और दिल्ली पुलिस को मामले की जांच करनी चाहिये और कार्रवाई करनी चाहिये .’’उन्होने कहा कि केंद्र सरकार को इस मामले में इस बात की जांच करानी चाहिये कि कहीं इसमें कोई राजनीतिक दल अथवा कोई अन्य देश तो शामिल नहीं है. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भी यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिये कि किसी भी कृषक नेता को अनावश्यक परेशान नहीं किया जाये.

कैप्टन ने कहा कि राज्य के युवाओं का भविष्य शांति में है और हालिया घटनाक्रमों ने प्रदेश में निवेश की गति को धीमा कर दिया है. मुख्यमंत्री ने वारदातों को आंजाम देने वालों के खिलाफ कार्रवाई किये जाने की मांग की, जिनके बारे में उन्होंने कहा कि वे किसान नहीं थे बल्कि युवाओं को गुमराह करने वाले थे. कांग्रेस नेता ने कहा कि लोगों की आवाज सुनने में अगर सरकार विफल रहती है तो ऐसी घटनायें होती रहेंगी. उन्होंने कहा कि जनता के लिये और जनता द्वारा बनायी गयी सरकार जनता की इच्छा की अनदेखी नहीं कर सकती है.

उन्होंने कहा कि भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र की राजग सरकार के प्रदर्शन को ऐसे देश में अगले चुनाव में स्वीकार नहीं किया जा सकता है जहां 70 फीसदी जनता किसान हो .उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को स्थिरता एवं धर्मनिरपेक्षता के महत्व को महसूस करना चाहिये ,सभी अल्पसंख्यकों को शामिल करते हुए यह राष्ट्र के समावेशी विकास की कुंजी है और हिंदुत्व कार्ड खेलने से प्रगति नहीं होगी. कृषि को राज्य का विषय बताते हुये पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अध्यादेश लाने से पहले हमसे नहीं पूछा गया.’’