RajasthanNews: राजस्थान में एक पैंतीस- चालीस हजार रुपए की नौकरी करने वाला एक पटवारी करोड़पति निकला. दरअसल मामला कुछ यूँ है कि, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार सुबह पोकरण में फलसूंड के पटवारी लक्ष्मण सिंह को एक किसान से 7 हजार रुपए की घूस लेते हुए पकड़ा था.Also Read - Udaipur Tailor Kanhaiya Murder: NIA करेगी टेलर कन्हैया तेली के मर्डर की जांच, हत्या के बाद प्रदेशभर में तनाव

यह पटवारी पिछले दो साल से एक परिवादी की जमीन की रिपोर्ट बैंक को सौपने के बदले 8 हजार रुपए की मांग कर रहा था. रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने के बाद जब पटवारी के घर की तलाशी ली गयी तो उसके घर में 58.50 लाख रुपए नगद देखकर एसीबी के अधिकारी भी दंग रह गए. वहीं पटवारी लक्ष्मण सिंह के घर से करोड़ों के भूखंड़ों के कागजात भी बरामद हुए हैं. Also Read - Curfew in Udaipur: उदयपुर में टेलर कन्हैया की हत्या के बाद कई इलाकों में कर्फ्यू, जानिए क्या रहेगा बंद और किन्हें मिलेगी छूट ?

मामले की जानकारी देते हुए एसीबी जैसलमेर के उप अधीक्षक अनिल पुरोहित ने बताया कि, दिघु गांव के निवासी गोपाल सिंह ने गत 14 सितम्बर को शिकायत दर्ज कराई थी. जिसमें तकरीबन दो साल पहले उसने अपनी पत्नी के नाम की कृषि भूमि का रहन पटवारी लक्ष्मण सिंह से कराया था. Also Read - उदयपुर में कन्हैया के मर्डर पर बोले राहुल गांधीः धर्म के नाम पर बर्बरता बर्दाश्त नहीं, आतंक फैलाने वालों को सख्त सजा मिले

इसके लिए वह आठ हजार रुपए घूस के तौर पर मांग कर रहा था. वहीं जब परिवादी का काम हो गया तो उसने रिश्वत की रकम पटवारी को नहीं दी. इसके बाद गुस्साए पटवारी ने परिवादी का नाम फसल बीमा क्लेम के लिए बीमा कंपनी को भेजा ही नहीं. इस कारण जो फसल खराब हो गई थी उसका क्लेम परिवादी को मिला ही नहीं.

इस पर गोपाल सिंह एक बार फिर पटवारी से संपर्क साधा तो उसने पहले के बकाया आठ हजार रुपए की फिर से मांग की. इस मामले में कि गयी शिकायत का सत्यापन सितम्बर माह में ही हो गया था, लेकिन पंचायत चुनाव में पटवारी के व्यस्त रहने के कारण मामला आगे नहीं बढ़ पाया था.

एसीबी ने पटवारी को रेंज हाँथो दबोचने के लिए, पूरी योजना के साथ 30 दिसंबर के दिन गोपाल सिंह को रिश्वत के रूप में मांगे गए आठ हजार रुपए लेकर पटवारी के पोकरण में नेहरू नगर स्थित आवास पर पास भेजा. गोपाल सिंह ने उसे 8 हजार रुपए दिए. इस पर पटवारी लक्ष्मण सिंह ने उसे एक हजार रुपए वापस लौटा दिए.

वहीं दूसरी तरफ पहले से तैयार एसीबी की टीम ने उसे रंगे हांथों दबोच लिया और उसकी जेब से रंग लगे 7 हजार रुपए भी बरामद कर लिए. इसके बाद, एसीबी की टीम ने पटवारी के मकान की तलाशी ली जहाँ उन्हें तलाशी के दौरान 58.50 लाख रुपए नगद मिले.

इसके अलावा जोधपुर में एक शानदार मकान, विभिन्न स्थानों कुछ भूखंड के साथ ही नहरी क्षेत्र में कुछ मुरब्बों के बगीचों के कागजात भी मिले हैं. एसीबी की टीम, पटवारी के बैंक लॉकर का भी पता लगा रही है. बकौल एसीबी, अब तक मिली संपत्ति का मूल्य करोड़ों रुपए आंका जा रहा है.