जयपुर: जयपुर बम विस्फोट मामले में विशेष अदालत ने जिस आरोपी शाहबाज हुसैन को दोषमुक्त करार दिया है. उस पर आरोप था कि उसने विस्फोट के बाद उसकी जिम्मेदारी लेने वाला ईमेल अधिकारियों को किया था. पुलिस ने अगस्त 2008 में शाहबाज को लखनऊ में पकड़ा था और तब से वह जयपुर में न्यायिक हिरासत में था.

लखनऊ के रहने वाले शाहबाज के लिए न्यायमित्र एमिकस क्यूरी सुरेश व्यास ने कहा कि शाहबाज के खिलाफ आरोप साबित नहीं हो सके और इसलिए उसे दोषमुक्त कर दिया गया. व्यास ने कहा, ”उन पर सिर्फ ईमेल भेजने का आरोप था और उनके खिलाफ कोई अन्य आरोप नहीं था. उनके खिलाफ ईमेल भेजने का आरोप साबित नहीं हो सका. वह अगस्त 2008 से न्यायिक हिरासत में हैं.”

मई 2008 में विस्फोट के बाद ईमेल भेजने वाले ने आतंकवादी संगठन- इंडियन मुजाहिदीन की ओर से विस्फोटों की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था.

बता दें कि है कि राजस्थान की एक विशेष अदालत ने जयपुर बम विस्फोट मामले में बुधवार को चार आरोपियों को दोषी ठहराया जबकि एक आरोपी को दोषमुक्त करार दिया. अदालत में अब दोषियों को सजा के अनुपात पर कल बहस होगी और उसके बाद सजा सुनाई जाएगी.

लोक अभियोजक श्रीचंद ने बताया, ”चार आरोपियों को दोषी ठहराया गया है. उनको आईपीसी की धारा 302, 307,324, 326, 120 बी, 121ए और 124 ए, 153 ए के तहत दोषी माना गया है. इसके अलावा विस्फोट पदार्थ अधिनियम की धारा तीन के तहत तथा विधि विरुद्ध क्रियाकलाप अधिनियम की धारा 13, 16, 1 ए और 18 के तहत भी उन्हें दोषी ठहराया है.”

बाकी चार दोषियों के नाम मोहम्मद सरवर आजमी, मोहम्मद सैफ, मोहमद सलमान और सैफुर्रहमान हैं. ये सभी अदालत में मौजूद थे. बता दें कि इस मामले की सुनवाई कर रही विशेष अदालत के न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा ने पिछले महीने फैसला सुरक्षित रख लिया था.

राजस्थान की राजधानी जयपुर में 13 मई 2008 को शाम लगभग सवा सात बजे 15 मिनट में सिलसिलेवार आठ बम धमाके हुए थे. लगभग 11 साल पहले हुए इन आठ सिलसिलेवार बम धमाकों ने जयपुर के परकोटे शहर को हिला दिया था. इन धमाकों में कम से कम 70 लोगों की मौत हुई थी और 185 घायल हुए थे.

पहला धमाका चांदपोल हनुमान मंदिर और उसके बाद दूसरा सांगानेरी गेट हनुमान मंदिर पर हुआ था. इसके बाद बड़ी चौपड़, जोहरी बाजार, छोटी चौपड़ और तीन अन्य स्थानों पर धमाके हुए थे. बम धमाके के बाद राज्य सरकार की सिफारिश पर हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए विशेष अदालत गठित की थी.