नई दिल्ली: राजस्थान में विधानसभा की 200 सीटों पर 7 दिसंबर को वोटिंग होनी है. सट्टेबाजों की मानें तो राजस्थान में बीजेपी के खिलाफ कांग्रेस भारी पड़ रही है. सट्टा बाजार में कांग्रेस को 128 सीटें मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. असली नतीजे तो 11 दिसंबर को आएंगे लेकिन टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक सट्टा बाजार में कांग्रेस को 128 से 130 सीटें मिल रही हैं जबकि बीजेपी को 54 से 56. सट्टेबाज कांग्रेस के 128 से अधिक सीटें लाने और बीजेपी के 54 से अधिक सीटें जीतने पर सट्टा लगवा रहे हैं. Also Read - स्मृति ईरानी ने कहा- कांग्रेस देश की चुनौतियों से फायदा उठाने की कोशिश में है, वो यही कर सकती है

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एक सट्टेबाज ने अखबार को बताया कि अगर कोई व्यक्ति कहता है कि कांग्रेस 128 या उससे ज्यादा सीटें नहीं जीतेगी और कांग्रेस 128 से कम सीटें पाती है तो उसे डबल पैसे मिलेंगे. वहीं अगर कांग्रेस 128 या उससे अधिक सीटें जीतती है तो उसके सारे पैसे चले जाएंगे. इसी तरह से अगर कोई कहता है बीजेपी 54 सीटें नहीं जीतेगी और बीजेपी 54 या उससे ज्यादा सीटें जीतती है तो वह हार जाएगा.

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एक अन्य सट्टेबाज ने बताया कि जब तक पार्टियों ने अपने प्रत्याशियों की लिस्ट जारी नहीं की थी, तब तक ज्यादा लोग नहीं आ रहे थे लेकिन सूची आने के बाद क्रिकेट से अधिक विधानसभा चुनाव पर सट्टा लग रहा है. सट्टा बाजार से जुड़े एक विश्वसनीय सूत्र ने बताया कि शुरुआत से ही राजस्थान में कांग्रेस सबकी पसंदीदा बनी हुई है. शुरुआती दौर में कांग्रेस को 132-134 और बीजेपी को 50-52 सीटें मिलने की उम्मीद जताई जा रही थी लेकिन प्रत्याशियों की सूची आने के बाद ट्रेंड में हल्का सा परिवर्तन हुआ है.

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हालांकि अभी चुनावों में 15 दिन बाकी हैं और समीकरण बदल सकता है. चुनावों की घोषणा के बाद पीएम मोदी ने यहां एक भी रैली नहीं की है. मोदी रविवार को अलवर में चुनावी सभा को संबोधित करेंगे. राज्य में चुनावी कार्यक्रम की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री मोदी की यह पहली जनसभा होगी. अलवर जिले में 11 विधानसभा सीटें हैं. इसी साल हुए लोकसभा उपचुनाव में भाजपा को अलवर में हार का सामना करना पड़ा था. इसी तरह अजमेर सीट के उपचुनाव में भी भाजपा हारी थी. राज्य में मोदी की पिछली जनसभा छह अक्टूबर को अजमेर में थी. उसी दिन थोड़ी देर बाद आचार संहिता लागू हो गयी.

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वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अलवर जिले की 11 में नौ सीटों पर जीत दर्ज की थी. इसके एक विधायक धर्मपाल चौधरी का इस साल अप्रैल में निधन हो गया था और पार्टी ने उनके बेटे मंजीत चौधरी को मुंडावर से प्रत्याशी बनाया है. बाकी आठ सीटों में से पार्टी ने केवल एक मौजूदा विधायक रामहेत यादव किशनगढ़ बास को दुबारा टिकट दिया है. जिन विधायकों के टिकट कटे हैं, उनमें हिंदूवादी बयानों के लिए चर्चित ज्ञानदेव आहूजा भी हैं. आहूजा रामगढ़ से विधायक हैं जहां गौ तस्करी के संदेह में अकबर खान की पीट-पीटकर हत्या कर दी गयी थी.