अजमेर. भारतीय जनता पार्टी के नेता कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के विभिन्न मंदिरों में जाने को लेकर अक्सर उनके हिंदू होने पर सवाल उठाते रहते हैं. लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के धर्म के मसले को आज अजमेर के एक पुजारी ने अपने स्तर से सुलझाने की कोशिश की है. अजमेर के पुष्कर स्थित ब्रह्मा मंदिर में चुनाव प्रचार के दौरान पूजा-अर्चना करने पहुंचे राहुल गांधी के बारे में पुजारी ने कहा कि वह कश्मीरी मूल के ब्राह्मण हैं. इस पुजारी ने राहुल का गोत्र बताया, साथ ही उनके पूर्वजों द्वारा की गई पूजा-पाठ की भी जानकारी दी. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पुष्कर के सरोवर घाट पर पूजा करवाने वाले एक पुजारी ने सोमवार को दावा किया कि राहुल की गोत्र दत्तात्रेय है और वह कश्मीर ब्राह्मण हैं.

पुजारी दीनानाथ कौल ने संवाददाताओं को बताया कि उनके पास इस परिवार का पूरा रिकॉर्ड पोथी में दर्ज है. इसमें इस परिवार की वंशावली है. पुजारी के अनुसार उनके पूर्वजों ने ही मोती लाल नेहरू, जवाहर लाल नेहरू व इस परिवार के अन्य सदस्यों को यहां पूजा करवाई थी. पुजारी ने कहा, ‘‘इनकी गोत्र दत्तात्रेय हैं और वह कश्मीरी ब्राह्मण हैं. मोती लाल नेहरू, जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, संजय गांधी, मेनका गांधी व सोनिया गांधी ने घाट पर आकर पूजा की इसका रिकॉर्ड (पोथी) हमारे पास है.’’

पुजारी के अनुसार उन्होंने पूजा करने आए राहुल गांधी से उनका नाम व गोत्र पूछा तो ‘‘उन्होंने दत्तात्रेय गोत्र बताया. दत्तात्रेय कौल होते हैं जो कश्मीरी ब्राह्मण होते हैं.’’ पुजारी ने वह दस्तावेज भी दिखाए जिनमें पुष्कर सरोवर में पूजा करने वाले राहुल के पूर्वजों के नाम दर्ज थे. चुनावी यात्रा पर राजस्थान आए राहुल इससे पहले अजमेर दरगाह भी गए और उन्होंने पोकरण, जालोर व जोधपुर में जनसभा की. राजस्थान के इस पुजारी के दावे के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के धर्म के बारे में लंबे अर्से से चल रही चर्चाओं पर कितना विराम लग पाएगा, यह कहना तो मुश्किल है. मगर फिलहाल पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस पार्टी को जरूर इस पुजारी के दावे से राहत पहुंची होगी. खासकर राजस्थान जैसे राज्य में, जहां पिछले पांच साल से सत्ता से अलग रही कांग्रेस इस बार पूरे जोश-खरोश के साथ सत्ता हासिल करने में लगी हुई है.

(इनपुट – एजेंसी)