जयपुर। भारत में लोगों पर सेल्फी का नशा किस कदर चढ़ा हुआ है इसका ताजा उदाहरण फिर देखने को मिला है. राजस्थान के बाड़मेर में लोग सड़क हादसे में बुरी तरह घायल लोगों के साथ सेल्फी लेने लगे. इन तीनों की हादसे में मौत भी हो गई. घायल लोगों की मदद करने की बजाय ये कुछ लोग इस मौके पर सेल्फी ले रहे थे. ये मामला 10 जुलाई का है.

दर्द से कराह रहे थे घायल

दुर्घटना के शिकार तीन घायलों में से एक व्यक्ति खून में लथपथ था और दर्द से कराह रहा था लेकिन भीड़ में से कोई भी व्यक्ति उसकी मदद करने को आगे नहीं आया बल्कि लोग वीडियो बनाते रहे. इनमें से कुछ लोग सेल्फी ले रहे थे. पुलिस ने कहा कि अगर समय पर घायलों को मदद मिल जाती तो तीन में से दो को बचाया जा सकता था. घायलों में से एक की मौके पर ही मौत हो गई. एक घायल की बाड़मेर के अस्पताल में उपचार के दौरान और एक अन्य घायल की जोधपुर के अस्पताल ले जाने के दौरान मौत हो गई.

स्कूल बस ने मारी थी टक्कर

बाड़मेर के चौहटन थानाधिकारी मनोहर ने बताया कि सोमवार को चौहटन क्षेत्र में मोटर साइकिल पर जा रहे तीन दोस्तों को एक स्कूल बस ने टक्कर मार दी थी, जिससे तीनों बाइक सवार घायल हो गए थे. हादसे में परमानंद मेघवाल की मौके पर ही मौत हो गयी. वहीं दो घायलों चंदाराम और गेमराराम को उपचार के लिए राजकीय चिकित्सालय बाड़मेर लाया गया. उपचार के दौरान गेमराराम की बाड़मेर में मौत हो गयी. वहीं गंभीर रूप से घायल चंदाराम को जोधपुर रैफर किया गया, लेकिन रास्ते में उसकी भी मौत हो गई. तीनों मृतकों की उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच थी.

थानाधिकारी ने कहा कि यह मानवता के खिलाफ है, जो लोग वहां मौजूद थे उन्हें घायलों की मदद करनी चाहिए थी, लेकिन मदद की बजाय सेल्फी और वीडियो बनाने में व्यस्त थे, मुझे भी इसकी जानकारी बाद में मिली. सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक मिनट 43 सैकंड के वीडियो में लगभग 20 लोग दुर्घटना स्थल पर दिखाई दे रहे हैं लेकिन कोई भी घायलों की मदद के लिये आगे नहीं आया.

सेल्फी का नशा

न्यूज एजेंसी एएनआई ने कुछ तस्वीरें भी दिखाई है कि कैसे ये शख्स सड़क हादसे में दम तोड़ चुके लोगों के सामने सेल्फी ले रहा है. इसमें ये भी दिख रहा है कि सैकड़ों लोग तमाशबीन बने हुए हैं लेकिन किसी ने भी मदद के लिए हाथ नहीं बढ़ाया. पुलिस के मुताबिक, अगर तमाशबीनों ने घायलों की सही समय पर मदद की होती तो इनकी जान बच सकती थी.

विशेषज्ञों का मानना है कि सेल्फी का नशा एक तरह की बीमारी है. इसके चलते भारत में कई लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी है. इसी साल अप्रैल में केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों से ऐसे टूरिस्ट स्पॉट को चिन्हित करने को कहा था जहां लोग खतरनाक जगहों पर जाकर सेल्फी लेते हैं. सेल्फी के दौरान हुई कई मौतों के बाद सरकार ने ऐसे निर्देश दिए थे.