बाड़मेर: राजस्थान के बाड़मेर जिले में रिफाइनरी अभी शुरू नहीं हुई है, जनता बेसब्री से इन्तजार कर रही है. जमीनी हकीकत इसके विलंब की कहानी बयां कर रही है लेकिन भाजपा और कांग्रेस दोनों में ही इसका श्रेय लेने की होड़ मची हुई है. बता दें कि इस रिफाइनरी का शिलान्यास 2013 में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने तब के विधानसभा चुनाव के ऐन पहले किया था. उसके बाद इस बार के विधानसभा चुनाव वर्ष में जनवरी में पीएम मोदी ने इसका शुभारंभ किया. लेकिन इसके विधिवत रूप से शुरू होने का स्थानीय लोगों का सपना साकार होने में अभी समय है. फिर भी भाजपा और कांग्रेस चुनावी मौसम में इसका श्रेय लेने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं.

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आरोप-प्रत्यारोप
एक ओर जहां स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी इस बहु प्रतीक्षित रिफाइनरी के शुरू होने के लिए लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है, वहीं दूसरी ओर, इसके कार्य में ‘विलंब’ के लिए दोनों प्रमुख पार्टियां एक दूसरे को जिम्मेदार ठहराते हुए ठीकरा एक-दूसरे के सिर पर फोड़ रही हैं. कांग्रेस ने तो यह चुनावी वादा किया है कि राजस्थान में सरकार बनने के बाद इस परियोजना के काम को तेज किया जाएगा. दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी साल जनवरी में रिफाइनरी के कार्य का शुभारंभ किया था. इससे पहले 2013 के विधानसभा चुनाव से कुछ हफ्ते पहले तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी की सरकार रहने के दौरान इस रिफाइनरी का शिलान्यास किया था तबसे वर्तमान सरकार ने इसके कार्य में कोई विशेष तेजी नहीं दिखाई.

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सिर्फ बाउंड्री बनी !
प्रस्तावित रिफाइनरी स्थल के पास पचपदरा गांव के सरपंच विजय सिंह राठौर का कहना है कि स्थानीय जनता उस दिन का इंतजार कर रही है जब यह रिफाइनरी शुरू होगी और क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी. राठौर ने कहा, ‘रिफाइनरी परियोजना से क्षेत्र के विकास में तेजी आएगी, लेकिन इसमें विलंब दुखद है. प्रधानमंत्री द्वारा इसका कार्य का शुभारंभ करने के बाद, आशा है कि रिफाइनरी का काम जल्द पूरा हो जाएगा. सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी एस एन श्रीवास्तव कहते हैं, ‘इस रिफाइनरी के बारे में सुनते हुए कई साल बीत गए. अब तो लोगों में इसको लेकर पहले की तरह उत्सुकता भी नहीं रही.

उनका कहना है कि इतने वर्षों के बाद सिर्फ बाउंड्री बनी है. वहीँ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बाड़मेर से पूर्व सांसद हरीश चौधरी का आरोप है कि भाजपा उस परियोजना का श्रेय लेने की कोशिश कर रही है जबकि कांग्रेस की सरकार के दौरान ही इसकी शुरुआत हो गई थी. उन्होंने कहा, ‘रिफाइनरी परियोजना का सोनिया गांधी ने 2013 में शिलान्यास किया था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने फिर से इसका शिलान्यास कर दिया. जबकि सच्चाई यह है कि भाजपा सरकार ने इसे पूरा करने की दिशा में कुछ नहीं किया. (इनपुट एजेंसी)