जयपुर: राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार को बड़ा झटका देते हुए भारतीय ट्राइबल पार्टी (BTP) ने अपना समर्थन वापस लेने का ऐलान किया है. भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) ने जिला परिषद प्रमुख और पंचायत समिति प्रधान चुनाव में कांग्रेस और भाजपा पर ‘हाथ’ मिलाने का आरोप लगाया है.Also Read - Delhi, Mumbai में घटी कोरोना की रफ्तार, कर्नाटक में बड़ी संख्‍या में आए केस, देखें अपने राज्य का अपडेट

बीटीपी ने कहा है कि वह राज्‍य की अशोक गहलोत सरकार से अपने रिश्‍ते खत्‍म करेगी. BTP नेता छोटूभाई वसावा ने ट्वीट कर कहा, “BJP कोंग्रेस एक है. राजस्थान सरकार से BTP पार्टी अपना समर्थन वापस लेगी.” उन्होंने अपने अगले ट्वीट में कहा, “#BJP कोंग्रेस एक है इसलिए क्षेत्रीय पार्टीयो को सत्ता से दूर करने के लिए कोंग्रेस BJP एक दुसरे का विरोध कर क्षेत्रीय पार्टीयो से गठबंधन करके उन्हे खत्म करती है. इसलिए यह लोग तीसरे मोर्चे की बात करते हैं इसलिए वह चुनाव के नतीजो में पहले नही होता. अब पहला मोर्चा बनेगा जो पहले स्थान पर रहेगा.” Also Read - Rajasthan Marriage Guidelines: राजस्थान की शादियों में गेस्ट की संख्या को लेकर नई गाइडलाइंस जारी, जानें अपडेट

इससे पहले बीटीपी के प्रदेशाध्‍यक्ष वेलाराम घोघरा के अनुसार इन दोनों पार्टियों की ‘मिलीभगत’ से वह डूंगरपुर में अपना जिला प्रमुख और तीन पंचायत समितियों में प्रधान नहीं बना पाई जबकि बहुमत उसके पास था. घोघरा ने कहा, ‘‘इस घटनाक्रम से कांग्रेस और भाजपा, दोनों का असली चेहरा सामने आ गया है. हम राज्‍य की गहलोत सरकार से अपने रिश्‍ते खत्‍म कर रहे हैं और इसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी.’’ राज्‍य में बीटीपी के दो विधायक हैं जिन्‍होंने गहलोत सरकार पर संकट के समय और राज्‍यसभा चुनाव के समय कांग्रेस का साथ दिया था. Also Read - अलवर कांड: नाबालिग से रेप केस की जांच CBI से कराई जाएगी, राजस्थान सरकार का फैसला

बीटीपी की ताजा नाराजगी जिला परिषद प्रमुख व पंचायत समिति प्रधान के लिए बृहस्‍पतिवार को हुए चुनाव में कांग्रेस व भाजपा द्वारा कथित तौर पर ‘हाथ’ मिलाने को लेकर है. डूंगरपुर जिला परिषद में 27 में से 13 सदस्‍य बीटीपी के जीते, भाजपा के आठ व कांग्रेस के छह प्रत्‍याशी जीते, इसके बावजूद प्रधान के चुनाव में भाजपा की सूर्यादेवी अहारी ने निर्दलीय के रूप में पर्चा भरा एक वोट से जीत गयीं.

(इनपुट भाषा)