बीकानेर (राजस्थान): केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि सीमाओं की सुरक्षा में तकनीकी समाधानों के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है ताकि जवानों को चौबीसों घंटे वहां खड़ा नहीं रहना पड़े. बीकानेर के सीमावर्ती इलाके के दो दिवसीय दौरे पर आए राजनाथ सिंह सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के पश्चिमी कमान के सेक्टर मुख्यालय में शस्त्र पूजन के दौरान आयेाजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा को और चुस्त दुरुस्त बनाने तथा सीमा पर जवानों का तनाव कम करने के लिए सीआईबीएमएस को लागू किया जा रहा है. Also Read - चीन के खिलाफ चौतरफा तैयारी: 44 में से 30 पुल LAC को करेंगे कनेक्ट, 50 टन के T-90 टैंक को भी ले जाना हुआ आसान

गृहमंत्री ने कहा कि कम्प्रेहेंसिव इंटीग्रेटिड बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम (सीआईबीएमएस) कार्यक्रम कुछ समय पहले ही शुरू किया गया है.’ उन्होंने कहा कि स्मार्ट फेंसिग और सीआईबीएमएस जैसे कदमों के जरिए हम सुरक्षा बढ़ाना चाहते हैं ताकि जवानों को सीमा पर लगातार खड़े नहीं रहना पड़े. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में दस किलोमीटर और दूहरी (असम) में 60 किलोमीटर का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है. नंवबर माह में इसका एक और प्रोजेक्ट शुरू होगा जिससे देश की चारों तरफ की सभी सीमांए सुरक्षित रहेंगी. Also Read - LAC पर तनाव के बीच दुर्गम इलाकों तक पहुंची सड़क, राजनाथ ने 44 पुलों का उद्घाटन किया, केवल लद्दाख में हैं इतने ब्रिज

दशहरा पर्व का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि रावण, राम से ज्यादा धनवान और बलवान था क्योंकि रावण ने मृत्यु को जीत लिया था। लेकिन फिर भी हार हुई क्योंकि अंतर मर्यादा का था. इसलिए मनुष्य के जीवन में चरित्र का महत्व बड़ा होता है. कश्मीर मुद्दे पर बातचीत संबंधी एक सवाल पर उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि कश्मीर में शांति बनी रहे. वहां विकास जरुरी है. इसके लिए हम सब मिलकर प्रयासरत है. खासतौर पर कश्मीर को बजट भी अधिक दिया जा रहा है. बीएसएफ के जवानों के शौर्य की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि ‘पाक रेंजर्स भारत के बीएसएफ जवानों से बहुत घबराते हैं.’ मंत्री ने कहा कि उन्होंने बीएसएफ जवानों की कठिन परिश्रम को सीमाओं की सुरक्षा के साथ साथ नक्सल व आतंकवाद प्रभावित इलाकों में उनके काम के जरिए देखा है. उन्होंने कहा कि आपमें राष्ट्रीय स्वाभिमान की भावना है जो आपको प्रेरित करती है.’ इसी भावना ने चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह व खुदीराम बोस को देश की आजादी के लिए लड़ने को प्रेरित किया था.’ Also Read - Air Force Day 2020: आज भारतीय वायुसेना का 88वां स्थापना दिवस, LAC पर तनाव के बीच हिंडन एयरबेस पर दिखाएगी ताकत