बीकानेर: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को कहा भारतीय जनता पार्टी मुद्दा आधारित राजनीति नहीं कर रही. उन्होंने आरोप लगाया कि वसुंधरा राजे सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय की कई जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद कर दिया. उन्होंने कहा कि वसुंधरा को लेकर प्रदेश की जनता में भारी रोष है. उन्होंने कहा कि किसी नेता के माता पिता के बारे में पूछा जाना आलोचना का बिंदु हो सकता है, लेकिन यह कोई राजनीति का मुद्दा नहीं है. ”भाजपा मुद्दों पर आधारित राजनीति नहीं कर रही है. भाजपा ने चुनाव को जातियों सहित अन्य मुद्दों से जोड़ दिया.”

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बीकानेर में मीडियाकर्मियों से बातचीत में गहलोत ने कहा कि पहले जब कांग्रेस की सरकार आई तो उसने भैरों सिंह शेखावत और वसुंधरा राजे सरकार की कोई कल्याणकारी योजना बंद नहीं की. उन्होंने कहा, ” भले ही भाजपा राज में हमारी योजनाएं बंद की गई हों, लेकिन हमारी सरकार आई तो हम वसुंधरा सरकार की किसी योजना को बंद नहीं करेंगे.”

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ”ये पहले प्रधानमंत्री हैं जो इस पद की गरिमा के अनुरूप मुद्दों की राजनीति नहीं कर रहे हैं. उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुद्दों की राजनीति करनी चाहिए.” गहलोत ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव उत्सव का रूप होते हैं, इन्हें आपसी भाईचारे और प्रेमभाव से लेना चाहिए. ये लोग तनाव में रहकर राजनीति कर रहे हैं, जबकि हमारी किसी से कोई लड़ाई नहीं है.

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गहलोत ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी भी कह चुके हैं कि हमारी किसी से कोई लड़ाई नहीं है हमारी तो विचारधारा, नीतियों और कार्यक्रमों की लड़ाई है. गहलोत के अनुसार, ये लोग राहुल गांधी, पंडित नेहरू की बात करते हैं, लेकिन नेहरू बनने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और वसुंधरा को सौ बार जन्म लेना पड़ेगा. नोटबंदी के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह फैसला एक काला अध्याय है और प्रधानमंत्री ने देश की अर्थव्यवस्था को चौपट कर दिया है.