जयपुर: राजस्थान के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के सात मुस्लिम प्रत्याशियों को जीत मिली है जबकि भाजपा के एकमात्र मुस्लिम उम्मीदवार यूनुस खान हार गए हैं. लगभग दो दशक बाद भाजपा के विधायक दल में कोई मुस्लिम चेहरा नहीं होगा. कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में 195 सीटों के लिए अपने प्रत्याशियों की समग्र सूची में 15 मुस्लिम नाम शामिल किए थे. इनमें से करीब आधे यानि सात उम्मीदवार विजयी हुए हैं.Also Read - अखिलेश यादव ने कहा- योगी आदित्यनाथ 24 घंटे काम करते हैं, फिर भी महंगाई-बेरोजगारी बढ़ी, Dial 100 तो...

Also Read - नागालैंड हिंसा: राहुल गांधी ने केंद्र को घेरा, कहा- सैनिक और आम लोग सुरक्षित नहीं, गृह मंत्रालय क्या कर रहा है?

अशोक गहलोत या सचिन पायलट, कौन बनेगा सीएम, विधायकों ने राहुल गांधी को सौंपा जिम्मा Also Read - शराबबंदी सही है या नहीं... महिलाओं से पूछने निकलेंगे नीतीश कुमार, जल्दी ही यात्रा करेंगे

किसने दर्ज की जीत

कांग्रेस के नव-निर्वाचित मुस्लिम विधायक हैं- किशनपोल से अमीन कागजी, आदर्शनगर से रफीक खान, कामां से जाहिदा खान, सवाई माधोपुर से दानिश अबरार, पोकरण से शाले मोहम्मद, शिव से अमीन खान और फतेहपुर से हाकम अली खान. रोचक है कि कागजी, जाहिदा, अबरार, शाले मोहम्मद व अमीन खान ने 2013 का चुनाव भी लड़ा था हालांकि तब वे भाजपा की लहर में बह गए थे और जीत नहीं पाए थे. 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का कोई भी मुस्लिम प्रत्याशी नहीं जीता था. राज्य की 200 में से 199 सीटों पर चुनाव हुआ है जबकि रामगढ़ सीट पर चुनाव स्थगित हो गया है.

Rajasthan Assembly Election 2018: इस चुनावी मुकाबले में हारकर भी भाजपा के लिए ‘मैन ऑफ द मैच’ रहीं वसुंधरा राजे

मुस्लिम बहुल सीट पर सचिन पायलट से हारे

जहां तक भाजपा का सवाल है तो उसने इस बार अपने 200 उम्मीदवारों में सिर्फ एक मुस्लिम चेहरा यूनुस खान का शामिल किया. डीडवाना से विधायक व वसुंधरा राजे सरकार में मंत्री रहे यूनुस खान को पार्टी ने बिलकुल अंतिम समय में टोंक से प्रत्याशी बनाया था. सीट पर उनका मुकाबला कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट से हुआ और वह मुस्लिम बहुल इस सीट पर 54,179 मतों से हार गए. इस तरह से भाजपा के 73 नये विधायकों में एक भी मुस्लिम चेहरा नहीं है. पार्टी ने 2013 में चार मुस्लिम चेहरे उतारे थे जिनमें से यूनुस खान व हबीबुर्रहमान (नागौर) जीते थे. पार्टी ने इस बार हबीबुर्रहमान को मौका नहीं दिया तो वह कांग्रेस में शामिल हो गए और पार्टी ने उन्हें नागौर से अपना टिकट दे दिया. रहमान वहां दूसरे स्थान पर रहे. इस चुनाव में एक और मुस्लिम विधायक बसपा के वाजिब अली हैं. वाजिब ने नगर सीट पर सपा के प्रत्याशी को 25,467 मतों से हराया है. (इनपुट एजेंसी)