जयपुर: भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को कहा कि राम मंदिर उसके लिए कभी चुनावी मुद्दा नहीं रहा बल्कि यह आस्था और देश का मुद्दा है. इसके साथ ही उसने कांग्रेस नेताओं पर विभिन्न मुद्दों को लेकर राजस्थान को बदनाम करने का आरोप भी लगाया है.Also Read - कब बहाल होगा जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा? भाजपा बोली- पहले चुन कर की जा रही हत्याएं बंद हों

Also Read - Punjab Polls: पूर्व सीएम अमरिंदर सिंह ने पंजाब में नई सरकार बनाने का बताया फॉर्मूला, BJP से गठबंधन पर कही यह बात

केंद्रीय मंत्री व भाजपा के प्रदेश चुनाव प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर से जब पूछा गया कि क्या भाजपा के लिए राम मंदिर इस बार चुनावी मुद्दा है तो उन्होंने कहा,‘ राम मंदिर हमारा चुनावी मुद्दा कभी नहीं रहा है क्योंकि यह आस्था का मुद्दा है. राम मंदिर के लिए देश की लड़ाई पांच सौ साल चली है. जब चुनाव नहीं होते थे, तब भी राम मंदिर की इस देश ने हमेशा मांग की और लड़ाई लड़ी.’ Also Read - विपक्षी दलों ने सांसदों के निलंबन की निंदा की, आगे की रणनीति के लिए मंगलवार को करेंगे बैठक

उन्होंने कहा,‘यह देश का मुद्दा है.’ जावड़ेकर ने कहा कि भाजपा राम मंदिर को चुनावी मुद्दा नहीं बना रही बल्कि वह तो इस बारे में कांग्रेस की बयानबाजी पर सवाल उठा रही है. कांग्रेस को जवाब देना चाहिए कि क्या कांग्रेस अयोध्या में राम जन्म भूमि पर राम मंदिर चाहती है या नहीं.

राजस्थान: BJP सरकार के कामकाज-वादों का रिपोर्ट कार्ड लाएगी कांग्रेस, प्रत्याशियों की सूची दीवाली के बाद

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस लगातार बेरोजगारी, कानून व्यवस्था, किसानों के बदहाल हालात व महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर भाजपा व राज्य की वसुंधरा राजे सरकार पर निशाना साधे हुए है. पार्टी नेता राजीव शुक्ला ने हाल ही में राजे सरकार पर राजस्थान को बीमारू राज्य बनाने का आरोप लगाया था. इसका जिक्र करते हुए जावड़ेकर ने कहा कि लगता है कि कांग्रेस के नेताओं ने राजस्थान को बदनाम करने की साजिश शुरू की है. उन्होंने कहा,‘कांग्रेस वाले जानबूझकर राजस्थान को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं. एक तरह से राजस्थानी नागरिकों को बदनाम कर रहे हैं.’

राजस्थान के मंत्री धन सिंह रावत के विवादित बोल-हिन्दुओं को एकजुट हो बीजेपी को वोट देना है

रोजगार के सवाल पर उन्होंने कहा कि पर्यटन, सेवा, आईटी, बुनियादी ढांचे, सरकारी सेवाओं में बड़ी संख्या में रोजगार पैदा हुए हैं और ‘ हम कांग्रेस को चुनौती देते हैं कि आओ रोजगार पर चर्चा करो. वे चर्चा से भाग जाते हैं. सदन में चर्चा नहीं करते.’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस को आत्म विश्लेषण करना चाहिए कि जो पार्टी 2014 में 16 राज्यों में थी वह अब सिमटकर केवल चार राज्यों में कैसे रह गयी.’