नई दिल्‍ली: राजस्‍थान की राजधानी जयपुर में साल 2008 में हुए सीरियल ब्‍लास्‍ट मामले में एक स्पेशल कोर्ट ने बुधवार को चार आरोपियों को दोषियों को दोषी करार दिया है और एक आरोपी को बरी कर दिया है. इस आतंकी हमले में फैसला आने में 10 वर्ष से भी अधिक समय लग गया. इस मामले की सुनवाई कर रही स्‍पेशल कोर्ट के न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा ने पिछले महीने फैसला सुरक्षित रख लिया था.

मामले में अदालत के न्यायमित्र (एमिक्स क्यूरी) शाहबाज हुसैन ने मीडियाकर्मियों को बताया, ”अदालत ने आरोपी शाहबाज हुसैन को दोषमुक्त करार दिया, क्योंकि उनके खिलाफ आरोप सिद्ध नहीं हो सके. बाकी चार आरोपियों को आईपीएस की धारा 120 बी के तहत दोषी माना गया है.” शाहबाज पर इन धमाकों की जिम्मेदारी लेने वाला ईमेल भेजने का आरोप था.

बाकी चार दोषियों के नाम मोहम्मद सरवर आजमी, मोहम्मद सैफ, मोहम्म्द सलमान और सैफुर्रहमान है. ये सभी अदालत में मौजूद थे.

लोक अभियोजक श्रीचंद ने बताया कि दोषियों को सजा के अनुपात पर कल जिरह होगी फिर निर्णय के लिए तारीख दी जाएगी.उन्होंने कहा कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने का आग्रह अदालत से किया जाएगा और ‘‘मैंने इन दोषियों को फांसी की सजा दिए जाने का निवेदन अदालत से किया है.’’

 

चार आतंकी इन धाराओं के तहत दोषी करार
लोक अभियोजक श्रीचंद ने बताया, चार आरोपियों को दोषी ठहराया गया है. उनको भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 307,324, 326, 120 बी, 121ए और 124 ए, 153 ए के तहत दोषी माना गया है. इसके अलावा विस्फोट पदार्थ अधिनियम की धारा तीन के तहत तथा विधि विरूद्ध क्रियाकलाप अधिनियम की धारा 13, 16, 1 ए और 18 के तहत भी उन्हें दोषी ठहराया है.

– 1,272 गवाह इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश हुए
– 24 गवाह बचाव पक्ष की ओर से पेश किए गए
– जयपुर सीरियल में ब्‍लास्‍ट स्‍पाट पर ही 70 लोगों की मौत हुई थी
– लगभग 185 घायल हुए थे, बाद में मृतक संख्‍या बढ़ गई थी
– जयपुर में 13 मई 2008 को शाम लगभग सवा सात बजे 15 मिनट में सिलसिलेवार 8 बम धमाके हुए थे
– 1- पहला धमाका चांदपोल हनुमान मंदिर, 2- दूसरा धमाका सांगानेरी गेट हनुमान मंदिर पर, तीसरा- बड़ी चौपड़, चौथा जोहरी बाजार, पांचवां छोटी चौपड़ और तीन अन्य स्थानों पर धमाके हुए थे.
– 11 साल पहले हुए इन आठ सिलसिलेवार बम धमाकों ने जयपुर के परकोटे शहर को हिला दिया था
– बम धमाके के बाद राज्य सरकार की सिफारिश पर हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए विशेष अदालत गठित की थी

बता दें कि 13 मई, 2008 में जयपुर शहर के अंदर अलग-अलग जगहों पर हुए 8 सीरियल बम ब्लास्ट में 80 लोगों की मौत हो गई थी और 176 घायल हो गए थे. इस आतंकी कार्रवाई में 5 लोगों के खिलाफ केस विभिन्‍न धाराओं में केस दर्ज किए गए और कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई.

इस मामले के अधिकतर आरोपी दिल्‍ली की तिहाड़ जेल में रहे हैं. आतंकी ग्रुप इंडियन मुजाहिदीन का को-फाउंडर यासीन भटकल इस सीरियल ब्‍लास्‍ट के मामले का संदिग्‍ध मास्‍टर माइंड माना गया था. पर्यटकों के बीच पसंदीदा शहर जयपुर को इसीलिए आतंकियों ने निशाना बनाया था.

इस मामले में मोहम्‍मद शहबाज हुसैन, मोहम्‍मद सैफ उर्फ कैरिऑन, मोहम्‍मद सरवर आजमी, मोहम्‍मद सलमान, सैफुर्रहमान अंसारी उर्फ सैफुर आरोपी रहे हैं. ये सभी जयपुर की केंद्रीय जेल में बंद हैं.

बता दें कि इस मामले के दो अन्‍य आरोपी आतीफ अमीन उर्फ बशीर और छोटा साजिद बाटला हाउस एनकाउंटर में मारे गए थे. मामले में 3 आरोपी फरार हैं और एक आरोपी दिल्‍ली पुलिस की हिरासत में है.