नई दिल्ली: राजस्थान में चल रही सियासी उठापठक के बीच सोमवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के प्रति समर्थन प्रकट किया गया और फिर विधायकों को जयपुर के एक होटल में ले जाया गया. इस बीच सचिन पायलट ने एक बार फिर से कहा है कि मुख्यमंत्री अशोक चौहान के पास बहुमत नहीं है. Also Read - बागियों के खिलाफ कांग्रेस विधायकों की नाराजगी स्वभाविकः गहलोत

समाचार एजेंसी एएनआई ने सचिन पायलट के करीबी सूत्रों के हवाले से लिखा कि सचिन पायलट का कहना है कि अशोक गहलोत सरकार के पास उतनी संख्या नहीं हैं जिनका कि वे दावा कर रहे हैं. उन्होंने कहा, “अशोक गहलोत सरकार के पास उतनी संख्या (विधायक) नहीं हैं जिनका वे दावा करते हैं.” Also Read - मोदी सरकार के खिलाफ सबसे मुखर हैं राहुल गांधी, इसलिए कांग्रेस कराएगी अध्यक्ष पद पर वापसी!

उन्होंने सीएम आवास पर हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक को लेकर कहा कि सीएम का बैक गार्डन बहुमत साबित करने की जगह नहीं है, यह विधानसभा में होता है. उन्होंने कहा, “यदि उनके पास दावा के अनुसार संख्याएँ हैं तो हेड काउंट क्यों नहीं कराया, उन्हें होटल ले जाने के बजाय राज्यपाल के पास क्यों नहीं ले गए?” हालांकि इस बीस सूत्र ने ये भी बताया कि सचिन पायलट फिलहाल बीजेपी में शामिल नहीं हो रहे हैं.

इससे पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक में पारित एक प्रस्ताव में बागी रुख अपनाने वाले उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट की ओर परोक्ष रूप से इशारा करते हुए कहा गया है कि अगर कोई पार्टी पदाधिकारी या विधायक इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए.

विधायक दल की बैठक आरंभ होने से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने सुलह की गुंजाइश होने का स्पष्ट संकेत देते हुए कहा कि पायलट और दूसरे विधायक बैठक में आ सकते हैं. हालांकि पायलट और उनके कुछ समर्थक विधायक बैठक में शामिल नहीं हुए. सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पायलट के संपर्क में हैं. इस बीच राजस्थान के कैबिनेट मंत्री रमेश मीणा ने ANI को बताया कि वे सचिन पायलट के साथ हैं.