Rajasthan Political News: बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने राजस्थान में फ्लोर टेस्ट के दौरान अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) सरकार के खिलाफ वोट करने के लिए अपने पूर्व विधायकों को एक व्हिप जारी किया है. बता दें कि आज से शुरू हुए विधानसभा सत्र के दौरान फ्लोर टेस्ट आयोजित किया जा सकता है. पिछले साल BSP के 6 विधायक कांग्रेस में शामिल हो गए थे. इसे BSP ने अवैध करार दिया था और अदालत में चुनौती दी थी. यह व्हिप पार्टी महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा द्वारा जारी किया गया है. उन्होंने छह विधायकों को 10वीं अनुसूची के सेक्शन 2 (1) (ए) के तहत जारी व्हिप के अनुसार वोट करने या 10वीं अनुसूची के 2 (1) (बी) के तहत अयोग्यता का सामना करने के निर्देश दिए हैं. Also Read - भारत सरकार चीन को करारा जवाब देती रहेगी, सरकार और सेना के साथ है बसपा: मायावती

यह मामला सुप्रीम कोर्ट में भी गया, लेकिन राजस्थान हाईकोर्ट में यह मामला लंबित होने के कारण कोई आदेश पारित नहीं किया गया. याचिकाकर्ता ने कोर्ट में दावा किया कि राजस्थान में 7 दिसंबर, 2018 को हुए विधानसभा चुनाव में बसपा द्वारा जारी किए गए टिकटों पर पार्टी के छह विधायक चुने गए थे. ये छह विधायक संदीप यादव, वाजिब अली, दीपचंद खेरिया, लखन मीणा, जोगेंद्र अवाना और राजेंद्र गुढ़ा हैं, जिन्होंने बाद में सितंबर 2019 में कांग्रेस का दामन थाम लिया था. Also Read - बड़ा हादसा: चंबल नदी में डूबी नाव, 12 शव बरामद, चार अबतक हैं लापता, 19 की बची जान

सचिन पायलट के साथ हुए विवाद के बाद कांग्रेस सरकार विधायकों की संख्या के मामले में सुरक्षित है, क्योंकि पार्टी के पास आवश्यक बहुमत से अधिक विधायक हैं. वहीं कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक में पायलट और अशोक गहलोत ने पार्टी ऑब्जर्वर की मौजूदगी में हाथ मिलाया. वहीं सीएलपी की बैठक से पहले अशोक गहलोत और सचिन पायलट की भी मुलाकात हुई. Also Read - लोकसभा में बीएसपी ने यूपी को चार हिस्‍सों में बांटने की मांग उठाई, ताकि दलित पिछड़े बन सकें सीएम

बैठक में गहलोत ने बीती बात को भुलाने का आह्वान करते हुए कहा, ‘अपने तो अपने होते हैं. हम इन 19 विधायकों के बिना भी सदन के पटल पर बहुमत साबित कर सकते थे, लेकिन तब चारों ओर खुशी नजर नहीं आएगी.’ गहलोत ने आगे कहा, ‘हम खुद ही अविश्वास प्रस्ताव को आगे बढ़ाएंगे. हम अपने उन विधायकों की शिकायतों को भी हल करेंगे जो हमसे नाराज हैं.’