जयपुर: योगगुरु बाबा रामदेव की कानूनी मुश्‍किलें बढ़ रहीं है. कोरोना वायरस संक्रमण की आयुर्वेदिक दवा पेश करने के मामले में राजस्‍थान की राजधानी जयपुर में पुलिस ने एक वकील की शिकायत पर शनिवार को बाबा रामदेव व चार अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई Also Read - नहीं जाएगी रेलवे कर्मचारियों की नौकरी, लेकिन काम बदल सकता है: भारतीय रेल

पुलिस उपायुक्त अशोक गुप्ता ने शनिवार को बताया कि पतंजलि आयुर्वेद द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण की आयुर्वेदिक दवा पेश करने के मामले में दर्ज शिकायत के आधार पर योग गुरू बाबा रामदेव सहित पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. Also Read - इशांत शर्मा ने कहा- 2013 के बाद महेंद्र सिंह धोनी को अच्छे से समझ पाया था

पुलिस उपायुक्त ने कहा, ”हमें कई शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद धोखाधड़ी का एक मामला ज्योतिनगर थाने में दर्ज किया गया है. यह मामला एक वकील द्वारा बाबा रामदेव व चार अन्य के खिलाफ दी गई शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है.’’ Also Read - देश में कोरोना के करीब 21 हजार नए केस, आंकड़ा 6.25 लाख के पार, 18 हजार से ज्‍यादा मौतें

मामले के अन्य आरोपियों में आचार्य बालकृष्ण, निम्स जयपुर के निदेशक बी एस तोमर, उनके पुत्र अनुराग सिंह तोमर व वरिष्ठ वैज्ञानिक अनुराग वार्ष्णेय शामिल हैं. इनके खिलाफ धारा 420 तथा दवा व जादुई उपचार कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. शिकायत बलराम जाखड़ ने दी थी. अधिकारी ने कहा कि कंपनी की कथित दवा को आयुष मंत्रालय की मंजूरी नहीं है, इसलिए यह मामला दर्ज किया गया है.

बता दें कि राजस्थान के चिकित्सा विभाग ने कोरोना वायरस संक्रमण के उपचार के लिये पंतजलि आयुर्वेद द्वारा बनाई गई दवा के ‘क्लीनिकल ट्रायल’ करने को लेकर शुक्रवार को निम्स हास्पीटल को नोटिस जारी किया और स्पष्टीकरण मांगा था. बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद ने ‘कोरोनिल’ दवा पेश करते हुए मंगलवार को दावा किया था कि उसने कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज ढूंढ़ लिया है.