नई दिल्ली: राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gahlot) ने पीएम नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) को पत्र लिखा है. इस पत्र में राजस्थान के सीएम ने राज्य में चल रहीं राजनीतिक गतिविधियों का हाल बताते हुए बेहद बेबाक और खुले शब्दों का इस्तेमाल किया है. सीएम गहलोत ने लिखा है कि एक चुनी हुई कांग्रेस सरकार अस्थिर करने की कोशिश हो रही है. ये उसी तरह से हो रहा है, जैसा मध्य प्रदेश में हुआ था. इन आरोपों से आपकी (बीजेपी) पार्टी की बदनामी हुई थी. मुझे नहीं पता आपको किस हद तक यह सब आपकी जानकारी में है या आपको गुमराह किया जा रहा है. ऐसा करने वालों को इतिहास कभी माफ़ नहीं करेगा. Also Read - PM Kisan Yojana: 14 मई को आएगी पीएम किसान की 8वीं किस्त, लिस्ट में ऐसे देखें अपना नाम

अशोक गहलोत ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में विधायकों की खरीददारी को लेकर खुलकर बात की Also Read - Oxygen issue : बीजेपी ने पूछा, दिल्‍ली सरकार क्‍यों सोचती हैं कि केंद्र भेदभाव कर रहा है?

सीएम गहलोत ने पत्र में कहा कि ‘सरकारों को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत हॉर्स ट्रेडिंग के माध्यम से गिराने के लिए किए जा रहे कुत्सिक प्रयासों की ओर आपका ध्यान आकृष्ट करना चाहूँगा.’ Also Read - विधानसभा चुनाव में करारी हार की समीक्षा के लिए समिति बनाएगी कांग्रेस

हमारे संविधान में बहुबलीय व्यवस्था के कारण राज्यों एवं केंद्र में अलग-अलग दलों की सरकारें चुनु जाती रही हैं. यह हमारे लोकतंत्र की खूबसूरती ही है कि इन सरकारों ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर लोकहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य किया.

पूर्व पीएम स्व. राजीव गांधी की सरकार द्वारा 1985 में बनाए गए दल-बदल निरोधक क़ानून व अटल बिहारी वाजपेयी सरकार द्वारा किए गए संशोधन की भावनाओं को किनारे रखा जा रहा है.

कुछ समय से लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई राज्य सरकारों को अस्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है. ये जनमत का घोर अपमान है और संवैधानिक मूल्यों की खुली अवहेलना है. मध्य प्रदेश और कर्नाटक इसके उदहारण हैं.

कोरोना वायरस के दौर में लोगों के जीवन की रक्षा हमारी प्राथमिकता है. इसी बीच राजस्थान सरकार को गिराने का प्रयास किया जा रहा है. इसमें केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत और बीजेपी के अन्य नेता शामिल हैं.

मुझे इस बात का हमेशा अफ़सोस रहेगा कि आज जहां आम जनता के जीवन और आजीविका को बचाने की जिम्मेदारी केंद्र व राज्य सरकारों की है, उसके बीच केंद्र में सत्ता पक्ष कैसे कोरोना प्रबंधन की प्राथमिकता छोड़कर कांग्रेस की राज्य सरकार को गिराने के षड़यंत्र में मुख्य भागीदारी निभा सकता है. ऐसे ही आरोप पूर्व में कोरोना के चलते मध्य प्रदेश सरकार गिराने की वक़्त लगे थे. आपकी पार्टी की देश भर में बदनामी हुई थी.

गहलोत ने लिखा कि ‘मुझे नहीं पता कि किस हद तक ये सब आपकी जानकारी है. या आपको गुमराह किया जा रहा है. इतिहास में कृत्य में भागीदार बनने वालों को कभी माफ़ नहीं करेगा.’

सीएम ने लिखा कि मुझे पूरा विश्वास है कि अंततः सच्चाई के साथ-साथ स्वस्थ लोकतांत्रिक परम्पराओं व संवैधानिक मूल्यों की जीत होगी और हमारी सरकार सुशासन देते हुए अपना कार्यकाल पूरा करेगी.