जयपुर: राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने पेट्रोल-डीजल सहित विभिन्न जिंसों के बढ़ते दामों को लेकर सोमवार को केंद्र की भाजपा सरकार पर हमला बोला और ‘उसकी महंगाई बढ़ाकर जनता का शोषण करने की नीति को आर्थिक आपातकाल करार दिया.’ पायलट ने यहां जारी एक बयान में कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों से आम जनता पर अप्रत्याशित महंगाई का भार पड़ रहा है और जनता की क्रय शक्ति बुरी तरह से प्रभावित हुई है.

उन्होंने पेट्रोल व डीजल के बढ़ते दामों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार जनता को महंगाई से राहत देने में पूरी तरह से नाकाम है. उन्होंने इसके साथ ही आरोप लगाया कि आईएलएंडएफएस के 90, 000 करोड़ रुपए के कर्जे को एलआईसी द्वारा चुकाने की तैयारी की जा रही है जिसमें आम जनता के बीमा का पैसा जमा है. पायलट ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार की अर्थनीति पूंजीपतियों की पक्षधर है और आमजनता की गाढ़ी कमाई को लेकर भागने वाले भगौड़ों पर नकेल कसने में सरकार पूरी तरह से नाकाम रही है.

पायलट ने राज्य की वसुंधरा राजे सरकार से सहकारी बैंकों से संबंधित 15वें वेतन समझौते को शीघ्र लागू करने की मांग की. पायलट ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद दिनांक एक जनवरी, 2014 से प्रदेश के शीर्ष सहकारी बैंक व 29 केन्द्रीय सहकारी बैकों के कार्मियों का 15वां वेतन समझौता लम्बित है. पायलट का आरोप है कि राज्य सरकार कभी कमेटी गठित करने तो कभी वेतन समझौते का प्रावधान नहीं होने का बहाना बनाकर इस समझौते को लागू नहीं कर रही है और कार्मिकों के प्रति उदासीन एवं असंवेदनशील बनी हुई है.