नई दिल्ली. ऐसे समय में जबकि कुछ ही महीनों के बाद राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, यह बात हैरान कर देने वाली है कि प्रदेश के किसी भी जिले में भारतीय जनता पार्टी का अपना दफ्तर नहीं है. जिन जिलों में भाजपा के कार्यालय हैं भी, वे या तो किराए के मकानों में चल रहे हैं या फिर किसी नेता के घर में. भाजपा आलाकमान ने पार्टी की प्रदेश इकाई को निर्देश दिया है कि वह राजस्थान के सभी 33 जिलों में पार्टी के कार्यालय का निर्माण करे. पार्टी की प्रदेश इकाई ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है. लेकिन जमीन खरीदकर भाजपा का कार्यालय बनाने का यह निर्देश पार्टी के लिए महंगा पड़ रहा है. क्योंकि आलाकमान के निर्देशों के अनुसार पार्टी को राज्य सरकार से जमीन खरीदकर ही भवन बनाने हैं. वहीं, सरकारी नियमों के अनुसार राज्य सरकार विभिन्न पार्टियों को कार्यालय बनाने के लिए जो जमीन बेचती है, उसकी दर बाजार के रेट से महंगी होती है. ऐसे में भाजपा के लिए जमीन खरीदकर उस पर पार्टी कार्यालय बनाने की प्रक्रिया महंगा सौदा साबित हो रही है. Also Read - बिहार में मुफ्त वैक्सीन बांटने के वादे पर राहुल गांधी का बीजेपी पर हमला, RJD बोली- इसमें भी चुनावी सौदेबाजी, छी-छी

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बाजार दर से 15% ज्यादा दर पर मिलेगी जमीन

राज्य सरकार ने विभिन्न राजनीतिक दलों को जमीन देने के लिए एक नीति बना रखी है. इसके तहत पार्टियों को बाजार दर (DLC Rate) से 15 प्रतिशत ज्यादा के दाम पर निर्धारित स्थान पर जमीन दी जा सकती है. राजस्थान की भाजपा इकाई के लिए, राज्य सरकार की यही नीति भारी पड़ रही है. प्रदेश भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने हमारी सहयोगी वेबसाइट डीएनए को बताया, ‘मुझे लगता है कि राज्य सरकार द्वारा बेची जाने वाली जमीन को खरीदने के बजाए, पार्टी को जिला कार्यालय के लिए निजी जमीन खरीदना चाहिए. सरकार जिस जमीन को DLC Rate से 15 प्रतिशत की अधिक दर पर पार्टी को बेचेगी, उसके आधे दाम में निजी जमीन उपलब्ध है.’ पार्टी नेता ने सरकार से जमीन लेने के बदले, पार्टी स्तर पर कार्यालय के लिए जमीन खरीदने की वकालत की. उन्होंने कहा, ‘मेरे विचार से राज्य सरकार से जमीन लेने के बजाए पार्टी को अपने स्तर पर जमीन खरीदने के बारे में सोचना चाहिए. इसके लिए पार्टी को जल्द से जल्द नीति बनानी चाहिए.’

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देश के हर जिले में कार्यालय बनाने की योजना

भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय इकाई ने देश के सभी राज्यों की जिला इकाइयों को अपने-अपने जिलों में कार्यालय बनाने का निर्देश दिया है. इसके तहत भाजपा की योजना है कि वह देश के 762 जिलों में पार्टी का कार्यालय बना लेगी. पार्टी के आलाकमान का यह निर्देश राजस्थान के 33 जिलों में पार्टी कार्यालय न होने के बरक्स ही दिया गया है. डीएनए की खबर के मुताबिक, अभी देश के जिन जिलों में भाजपा के कार्यालय संचालित हैं, वह या तो किराए पर भवन लेकर चलाए जा रहे हैं या फिर किसी वरिष्ठ या स्थानीय नेता के आवास से कार्यालय का काम चलाया जा रहा है. अलबत्ता, जयपुर में जरूर पार्टी का प्रदेश मुख्यालय का भवन है. लेकिन राजस्थान में इसी साल के आखिर में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी प्रदेश के सभी जिलों तक अपनी ‘स्थाई’ पहुंच बनाना चाहती है. इसी के मद्देनजर जिला कार्यालय बनाने का निर्देश प्रदेश के नेताओं को दिया गया है.

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