नई दिल्ली: कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के संदर्भ में पूरे भारत में 21 दिनों का लॉकडाउन जारी है. हालांकि अब लॉकडाउन के खत्म होने का समय नजदीक आ रहा है लेकिन कोरोना का प्रसार रुकने का नाम नहीं ले रहा है. ऐसे में कई राज्यों ने संकेत दिए हैं कि वे लॉकडाउन को आगे बढ़ा सकते हैं. तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने लॉकडाउन को जारी रखने की बात कही तो अगले दिन राजस्थान के मुख्यमंत्री ने इसके चरणबद्ध तरीके से वापस लेने की बात कही. Also Read - लॉकडाउन: अमित शाह ने सभी मुख्यमंत्रियों को फोन कर पूछा, अब आगे क्या?

राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने मंगलवार को जीवन और आजीविका दोनों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा, “पीएम के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस करने के बाद, मैंने दो टास्क फोर्स का गठन किया है. जाहिर है, जीवन महत्वपूर्ण है. लॉकडाउन की स्थिति को संभालने के लिए एक टास्क फोर्स और दूसरी टास्क फोर्स चरणबद्ध तरीके से लॉकडाउन से बाहर आने के लिए.” जीवन और आजीविका का यह संतुलन सभी मुख्यमंत्रियों के लिए केंद्रीय बिंदु बन गया है, जिनमें से कई लॉकडाउन की चरणबद्ध वापसी के पक्ष में हैं. Also Read - स्मृति ईरानी ने कहा- कांग्रेस देश की चुनौतियों से फायदा उठाने की कोशिश में है, वो यही कर सकती है

इसके विपरीत, हाल ही में राव ने लॉकडाउन की वकालत करते हुए कहा, “केंद्र और अन्य सभी राज्य सरकारों को लॉकडाउन के कारण राजस्व का नुकसान हुआ है. लेकिन बस इसका एक अच्छा फायदा यही है कि इसके कारण हम अपने लोगों की रक्षा कर पा रहे हैं.” Also Read - एक मई से 3736 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से 50 लाख प्रवासियों ने की यात्रा, यूपी-बिहार पहुंचीं सबसे ज्यादा ट्रेनें

मंगलवार को राजनाथ सिंह के आवास पर केंद्रीय मंत्रियों के समूह की एक बैठक हुई, जिसमें लॉकडाउन को समाप्त करने पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है. सरकार के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि उसे दो विकल्पों में से किसी को चुनना है – आजीविका का नुकसान या जीवन का नुकसान. हालांकि, इस संबंध में कोई भी निर्णय पीएम मोदी द्वारा जमीनी नेताओं और प्रमुख मंत्रियों के साथ बातचीत के बाद आएगा. इसमें एक आम निकास योजना पर चर्चा की जानी है.

भारत में 21 दिनों का राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन चल रहा है और अब तक भारत में 4400 से अधिक कोरोना संक्रमित हो चुके हैं और कम से कम 114 लोगों की मौत हो गई है.

(इनपुट भाषा)