Section 144 in Rajasthan: राज्य में कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए, अशोक गहलोत सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की कि शनिवार से राज्य में धारा 144 के तहत प्रतिबंध लगाए जाएंगे। आदेश की घोषणा करते हुए, राज्य सरकार ने कहा कि राजस्थान के सभी जिलों में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा वापस लाने के लिए सभी जिला मजिस्ट्रेटों को अधिकार दिए गए हैं. आदेश में आगे कहा गया है कि जिला मजिस्ट्रेट राज्य सरकार से सलाह के बाद लंबी अवधि के लिए धारा 144 लगा सकते हैं. Also Read - लिव-इन में कॉलेज स्‍टूडेंट हुई प्रेग्‍नेंट, शादी से इनकार पर प्रेमी जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा

जिस इलाके में धारा-144 लागू होती है वहां 4 या उससे ज्यादा लोग इकट्ठे नहीं हो सकते. उस क्षेत्र में पुलिस और सुरक्षा बलों को छोड़कर किसी के भी हथियार लाने और ले जाने पर पाबंदी होती है. लोगों का घर से बाहर घूमने पर प्रतिबंध होता है तथा यातायात साधनों पर भी रोक होती है. Also Read - सपनों के पंख लिए आई थी NCR, पहली मुलाकात में प्‍यार से, लिव-इन तक और फिर बर्बादी की दास्‍तां

गुरुवार को राजस्थान में COVID-19 से 15 से अधिक लोगों के मरने के बाद मौतों का आंकड़ा 2,116 हो गया है, जबकि 2,549 नए मामलों के साथ राज्य के संक्रमण के कुल मामले 2,34,907 हो गए हैं. Also Read - Delhi NCR New Rules: दिल्ली से आने वाले यात्रियों के लिए लागू हुए ये नियम, स्थानीय प्रशासन का बड़ा फैसला

बता दें कि वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने, सर्विलांस, जांच और कोविड-19 के मामलों के प्रभावी क्लिनिकल प्रबंधन में हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और मणिपुर प्रशासन की मदद करने के लिए केन्द्र ने बृहस्पतिवार को इन राज्यों में उच्चस्तरीय टीमें भेजी हैं. मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि दिल्ली में कोविड-19 के नए मामलों और संक्रमण से होने वाली मौतों में वृद्धि का असर एनसीआर के साथ-साथ हरियाणा और राजस्थान राज्यों पर भी नजर आ रहा है जहां संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं.