जयपुर: एक दर्दनाक घटना में, राजस्थान के अलवर जिले में एक शराब ठेकेदार ने सेल्समैन के रूप में काम करने वाले एक दलित युवक को कथित रूप से पांच महीने का अपना बकाया वेतन मांगने पर उसे आगे के हवाले कर दिया. पुलिस ने कहा कि कमल किशोर का अधजला शव बाद में शराब की दुकान में डीप फ्रीजर में मिला. कमल के भाई रूप सिंह ने खैरथल पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज कराई, जिसमें उसने उल्लेख किया कि शराब ठेकेदार सुभाष और राकेश यादव से बकाया वेतन मांगने पर कमल किशोर को जिंदा जला दिया गया. दोनों फरार हैं.Also Read - CM Yogi ने दलित के घर भोजन किया, बोले- भ्रष्टाचार जिनके जीन्स में हो, वे सामाजिक न्याय की लड़ाई नहीं लड़ सकते

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पुनिया ने सोमवार को ट्वीट किया, “ऐसा लगता है कि हम अफ्रीका में सोमालिया में रह रहे हैं, जहां कोई कानून-व्यवस्था नहीं है. क्या सीएम अशोक गहलोत को अपने पद पर रहने का कोई हक है.” उन्होंने एक हैशटैग क्राइमकैपिटलराजस्थान भी लगाया. राजस्थान के एक मंदिर के पुजारी को जमीन के विवाद में जिंदा जलाने के बाद अब जिंदा जलाने की ये दूसरी घटना सामने आई है. पुलिस के अनुसार, अलवर के झड़का गांव के रहने वाले मृतक कमल किशोर (22) की शनिवार की रात कमपुर गांव में जलने से मौत हो गई. Also Read - अलवर रेप केस: राजस्थान की मंत्री ममता भूपेश का बयान, 'दरिंदों को कोई तिलक नहीं लगा होता, हम सबको प्रयास करना होगा'- देखें वीडियो

पुलिस ने कहा कि एक फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का दौरा किया. पुलिस ने कहा, “मामले में और सबूत मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी.” रूप सिंह ने आरोप लगाया कि कमल किशोर का वेतन पिछले पांच महीनों से बकाया था. वह घर लौट आया, लेकिन शनिवार शाम को, ठेकेदार और उनके साथी उसके घर पहुंचे और कमल किशोर को अपने साथ ले गए. रूप सिंह के मुताबिक, रात में कमल किशोर के अंदर होने के बावजूद शराब की दुकान में पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई. रविवार की सुबह, जब दुकान के शटर को तोड़ा गया तो कमल किशोर फ्रीजर के अंदर मृत पाया गया. Also Read - REET 2022: Rajasthan में 20 हजार शिक्षकों की भर्ती के लिए मई में होगी REET परीक्षा, जानें सीएम गहलोत ने क्या दिया अपडेट

पुलिस शव को ऑटोप्सी के लिए खैरथल सैटेलाइट अस्पताल में ले गई. अपराधियों की गिरफ्तारी और न्यायायिक जांच की मांग कर रहे परिजनों ने रविवार शाम तक पोस्टमार्टम नहीं होने दिया था. दिनभर की मशक्कत, समझाने-बुझाने के बाद आखिरकार पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया.