जयपुर: राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे मंत्रिमंडल के दो मंत्रियों के बीच सरकारी कर्मचारियों के स्थानांतरण को लेकर कुछ दिन पहले हुई तीखी नोक झोंक का वीडियो आज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इस वीडियो को लेकर प्रदेश सरकार की जमकर किरकिरी हो रही है. Also Read - बिग बॉस 14 : कविता कौशिक और रुबीना में जबरदस्त लड़ाई, बात मारधाड़ तक पहुंची, वीडियो वायरल

गौरतलब है कि इसी माह भरतपुर में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ का ही एक और वीडियो वायरल हुआ था जिसमें उन्हें यह कहते हुए देखा गया था कि स्थानांतरण के लिये प्राथमिकता उन्हें दी जाती है जिनके संबंध प्रभावशाली लोगों के साथ है. ताजा वायरल हुए इस वीडियो में दिखाया गया है कि भाजपा मुख्यालय में जन सुनवाई के दौरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सर्राफ और बांसवाडा जिले से भाजपा विधायक तथा संसदीय सचिव भीमा भाई के बीच बहस हो रहा है. Also Read - Gujarat के Ex-Minister की पोती के इंगेजमेंट में हुआ ऐसा डांस, Video वायरल होने पर अब मांग ली माफी

इस वीडियो के वायरल होने से राजस्थान सरकार उलझन में पड़ गई है. अभी पहले वीडियो के चलते हुई सरकार की फजीहत से वसुंधरा सरकार दो-चार हो ही रही थी कि अब इस ताजा मामले ने वसुंधरा राजे की पेशानी पर बल ला दिया है. अभी पिछले वीडियो को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने वसुंधरा सरकार को जमकर निशाने पर लिया था. Also Read - Mumbai में UP के CM योगी से शिवसेना ने बॉलीवुड और Film City के प्‍लान को लेकर किया सवाल

वाकया इस प्रकार बताया जा रहा है चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ दो संसदीय सचिवों धनसिंह रावत और भीमा भाई के साथ जनसुनवाई कर रहे थे. मंत्री और भीमा भाई के बीच बहस उस समय छिड़ गई जब सराफ ने भीमा भाई द्वारा दिए गए एक आवेदन पत्र को बिना किसी जवाब के एक तरफ रख दिया था.

बाद में संसदीय सचिव भीमा भाई ने मीडिया को बताया कि उन्होंने मंत्री के समक्ष उनके विधानसभा क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर खाली पडे़ पदों का मुद्दा उठाया था. उनके लिए उनके निर्वाचन क्षेत्र के मुद्दे के अलावा कोई अन्य मुद्दा नहीं है. इससे पूर्व इसी माह भरतपुर में हुए एक वायरल वीडियो में सराफ को यह कहते हुए देखा गया था कि, स्थानांतरण के लिये प्राथमिकता उन्हें दी जाती है जिनके संबंध प्रभावशाली लोगों के साथ है.

सराफ की टिप्पणी पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने भाजपा को स्थानांतरण के लिये संस्थानिक भ्रष्टाचार में लिप्त रहने का आरोप लगाते हुए कहा था कि प्रदेश में स्थानांतरण का एक गिरोह सक्रिय है. अब इस ताजा प्रकरण ने विपक्ष को वसुंधरा राजे सरकार की आलोचना का एक और सुनहरा अवसर दे दिया है.