नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राजस्थान, हरियाणा और दिल्‍ली करीब 20 लाख लोगों को ठगने वाले सहकारी समिति द्वारा धन के कथित गबन से जुड़ी जांच में धनशोधन रोकथाम कानून के तहत 365 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति कुर्क की. एजेंसी ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी. बता दें कि ईडी ने मामले में अक्टूबर, 2019 में इसी तरीके से 1,489.03 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क की थी. इसने कहा कि एजेंसी ने पिछले साल इन संपत्तियों को “अपने कब्जे” में ले लिया और इस साल मार्च में 124 आरोपियों के खिलाफ विशेष पीएमएलए अदालत के समक्ष एक आरोप-पत्र भी दायर किया.Also Read - गुरुग्राम में बिल्डिंग डिमोलिश करने के दौरान हादसा, भरभराकर गिर गई इमारत, एक मजदूर की मौत

ये संपत्तियां आदर्श ग्रुप ऑफ कंपनीज/ फर्मों, एलएलपी (सीमित देयता भागीदारी),रिद्धि सिद्धि ग्रुप ऑफ कंपनीज/ फर्मों, एओपी (व्यक्तियों के संगठन) और अन्य से जुड़ी हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने यहां जारी एक बयान में कहा, कुर्क संपत्तियां राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली में स्थित कृषि, आवासीय एवं व्यावसायिक भूमि पार्सलों तथा सावधि जमा (एफडी) एवं बैंक शेषों के रूप में हैं. धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत कुर्क संपत्तियों की कुल कीमत 365.94 करोड़ रुपए है. Also Read - कंगना रनौत ने चुनाव लड़ने के सवाल का दिया ये जवाब, मुझे राजनीति में रुचि है....

यह मामला आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (एसीसीएसएल) और इसके प्रवर्तकों मुकेश मोदी, राहुल मोदी और अन्य के खिलाफ दर्ज राजस्थान पुलिस विशेष अभियान समूह (एसओजी) की प्राथमिकी के संज्ञान लेने से जुड़ा है. Also Read - सचिन पायलट को लेकर नहीं बल्कि इस वजह से नाराज थे विधायक! सीएम गहलोत ने बताई असली वजह

ईडी का आरोप है कि जांच में पता चला कि, ”मुकेश मोदी ने अपने रिश्तेदार वीरेंद्र मोदी, राहुल मोदी, रोहित मोदी और समिति के अधिकारियों सहित अन्य सहयोगियों के साथ साठगांठ कर एसीसीएसएल से जमाकर्ताओं के पैसों का आपस में जुड़े फर्जी लेन-देन के जरिए हेर-फेर किया.” इसने आरोप लगाया, ” मुकेश मोदी, उनके रिश्तेदारों और सहयोगियों ने फर्जी ऋण लेने के जरिए एससीसीएलएल से पैसा निकालकर अपने रियल एस्टेट कारोबार में लगाने के एकमात्र मकसद से कई कंपनियों/ फर्मों/ एलएलपी को शामिल किया.”

एजेंसी ने दावा किया, “मुकेश मोदी और अन्य की हरकतों से समिति को बड़ा नुकसान हुआ और 20 लाख निवेशकों की जीवन भर की जमा पूंजी चली गई.”

ईडी ने कहा कि संलग्न अचल और चल संपत्ति राजस्थान, हरियाणा और नई दिल्ली में स्थित कृषि, आवासीय, वाणिज्यिक भूमि पार्सल और सावधि जमा, बचत बैंक खातों में शेष राशि के रूप में है. ईडी ने विशेष अभियान समूह, राजस्थान पुलिस द्वारा मुकेश मोदी, राहुल मोदी और आदर्श समूह के अन्य लोगों, आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (एसीसीएसएल) के अधिकारियों और अन्य निजी व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के आधार पर मामला दर्ज किया.

अधिकारी ने कहा कि ईडी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग की जांच से पता चला है कि मुकेश मोदी ने अपने रिश्तेदारों वीरेंद्र मोदी, राहुल मोदी, रोहित मोदी, आदि के साथ मिलीभगत की और सोसायटी के अधिकारियों सहित सहयोगियों ने एसीसीएसएल से जमाकतार्ओं के धन को इंटर लिंक्ड धोखाधड़ी लेनदेन के माध्यम से निकाल दिया. उन्होंने कहा कि मुकेश मोदी, उनके रिश्तेदारों और सहयोगियों ने कई कंपनियों, फर्मों, एलएलपी को एसीसीएसएल से धोखाधड़ी वाले ऋणों का लाभ उठाकर उनके रियल एस्टेट कारोबार में पैसा लगाने के एकमात्र उद्देश्य के लिए शामिल किया.

ईडी के अधिकारी ने कहा, “मुकेश मोदी ने इन कंपनियों में एसीसीएसएल से शेयर पूंजी के रूप में भारी आय का भी उपयोग किया. इसके अलावा, बड़ी राशि को अपने स्वयं के रिश्तेदारों और कंपनियों / फर्मों को अधिक वेतन, प्रोत्साहन और कमीशन के माध्यम से हटा दिया गया था. मुकेश मोदी और अन्य ने समाज को भारी नुकसान पहुंचाया और 20 लाख निवेशकों को उनकी जीवन भर की बचत से वंचित कर दिया.” इससे पहले ईडी ने सात अक्टूबर 2019 को छह राज्यों में 1,489.03 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की थी.

ईडी ने इस साल 31 मार्च को पीएमएलए अधिनियम के तहत एक विशेष अदालत के समक्ष एक आरोप पत्र भी दायर किया, जिसमें 124 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के साथ-साथ इन संपत्तियों को जब्त करने का अनुरोध किया गया था. अधिकारी ने कहा कि ईडी द्वारा अब तक की गई जांच के परिणाम के आधार पर, अपराध की कुल प्रक्रिया (पीओसी) से 3,830 करोड़ रुपये का पता चला है, जिसमें से ईडी ने आदर्श ग्रुप ऑफ कंपनीज, रिद्धि सिद्धि ग्रुप ऑफ कंपनीज, वीरेंद्र मोदी ग्रुप ऑफ कंपनीज और अन्य से अब तक की 1,854.97 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है.