Farmers Protest: नए कृषि कानूनों को लेकर कई किसान संगठन बीते एक महीने से ज्यादा समय से दिल्ली बॉर्डर पर डटे हुए हैं. वहीं दूसरी तरफ प्रदेश के शाहजहांपुर खेड़ा-हरियाणा बॉर्डर पर किसान आंदोलनरत हैं. हालांकि गुरुवार की दोपहर को कुछ ऐसा हुआ कि तनाव का माहौल बन गया. Also Read - खेती को बर्बाद करने बनाए गए तीन कानून... मेरा चरित्र साफ, मैं डरने वाला नहीं: राहुल गांधी

दरअसल कुछ किसान अपने 10-15 ट्रैक्टरों के साथ पुलिस द्वारा लगाये गए बैरिकेड तोड़कर हरियाणा बॉर्डर में घुस गए. हरियाणा पुलिस के जवान जब तक उन किसानों को रोकते तब तक वे बॉर्डर से आगे निकल गए. मौजूदा हालात को बिगड़ते देख पुलिस ने किसानों पर हल्का बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले छोड़े. बल प्रयोग में कई किसान जख्मी भी हो गए. इस घटनाक्रम से वहां हलचल मच गई. पीछे करीब दो किलोमीटर दूर तक के बड़ी संख्या में बॉर्डर पर जुट गए. Also Read - क्या Farmers Protest में हो रही विदेशी फंडिंग? इन अलगाववादी संगठनों पर एजेंसियों की नजर

हालांकि, बाद में किसान नेता रामपाल जाट सहित अन्य किसान नेताओं ने मिलकर सबको शांत कराया. उन्होंने कहा कि वे शांति से आंदोलन को आगे बढ़ाना चाहते हैं. कोई भी जबरदस्ती करते हुए आगे नहीं जाएगा. इसके बाद किसान वहां बैठ गए. इधर, हरियाणा सीमा में घुसे 10 से 15 ट्रैक्टर चालकों को पुलिस ने बावल में रोककर कुछ किसानों को हिरासत में लिया गया है. Also Read - सरकार और किसानों की आज होने वाली बैठक टली, अब 20 जनवरी को होगी अगली मीटिंग

आपको बता दें कि, पिछले 12 दिसंबर से शाहजहांपुर- खेड़ा बॉर्डर पर किसान आंदोलनरत हैं. बॉर्डर के हाइवे पर प्रदर्शन कर रहे किसानों की मांग है कि, केंद्र सरकार तीनों कृषि कानूनों को रद्द करे. वे तभी आंदोलन खत्म करेंगे. लेकिन, सरकार कानून वापस लेने को तैयार नहीं है और लगातार किसानों से बातचीत कर रही है. शाहजहांपुर- खेड़ा बॉर्डर पर चल रहे आन्दोलन में राजस्थान व हरियाणा के अलावा गुजरात और महाराष्ट्र के काफी किसान शामिल हैं.