जयपुर: राजस्थान में कोरोना काल में अपराधों का ग्राफ कम हुआ है. साल 2020 में पिछले सालों के मुकाबले अपराधों में तेजी से कमी आई है. यह जानकारी पुलिस विभाग की ओर से बीते साल 2020 की वार्षिक रिपोर्ट में हुआ है. Also Read - अंडरगारमेंट में दुबई से छिपाकर 31 लाख का सोना लाई महिला, जयपुर एयरपोर्ट पर हुई गिरफ्तार

पुलिस महानिदेशक एमएल लाठरने बताया कि वर्ष 2020 में भारतीय दंड सहिता के अंतर्गत दर्ज प्रकरणों में वर्ष 2019 की तुलना में 14.21 फीसदी की कमी आई है. सबसे अधिक कमी अपरहण के मामलों में कमी आई है. प्रदेश में अपहरण के मामलों में 22.64 फीसदी की कमी दर्ज हुई है. अपराधों में कमी आने के बाद संबंधित आईजी और एसपी को इनके कारणों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए है. कोरोना वर्ष 2020 में आदतन अपराधियों पर निगरानी रखते हुए रिकॉर्ड के आधार पर 568 अपराधियों की नई हिस्ट्रीशीट खोली गई है. पिछले साल पुलिस ने प्रदेशभर में मादक व हथियार पकडऩे के लिए विशेष अभियान चलाया है. वहीं हत्या के प्रकरण में 3.62 फीसदी और हत्या के प्रयास में 8.24 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है. Also Read - राजस्थान: मंकर संक्राति पर इस बार कोरोना के कारण नहीं होगा बहुचर्चित काइट फेस्टिवल

36 पुलिसकर्मियों को बर्खास्त और 24 को अनिवार्य सेवानिवृति Also Read - पुणे में हुई दिल्ली जैसी घटना, चलती बस में युवती से किया गया दो बार दुष्कर्म

साल 2020 में राजस्थान में अपराधों का ग्राफ ही नहीं गिरा बल्कि पुलिस विभाग ने लापरवाही बरतने व दर्ज मामलों की जांच को प्रभावित करने वाले पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई करने में भी आगे रहा है. प्रदेश में जानबूझकर जांच में कमियां छोडऩे और अपराधियों से मिलिभगत करने वाले 36 पुलिसकर्मियों को बर्खास्त किया गया है. पुलिस विभाग ने पांच पुलिसकर्मियों को सेवा पृथक और 8 को अनिवार्य सेवानिवृति दी गई. इनके अलावा पूरी क्षमता से कार्य नहीं करने और अनुशासनहीनके मामले में 16 पुलिसकर्मियों को अनिवार्य सेवानिवृति अलग से दी गई. वहीं 36 पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने के अलावा 26 को मेजर पैनल्टी दी गई.