कोटाः राजस्थान के जेके लोन अस्पताल में सौ से अधिक मासूमों की मौत से पूरे देश में मातम पसरा हुआ है. दिसंबर से लेकर अब तक कुल 105 बच्चों की मौत हो चुकी है. अस्पताल में संसाधनों का अभाव है तो चारों ओर गंदगी भी फैली है. दूसरी तरफ ऐसा लगता है कि राजस्थान सरकार को बच्चों की मौत से कोई फर्क नहीं पड़ता उन्हें सिर्फ इस बात का फर्क पड़ता है कि उनके मंत्रियों और नेताओं की आव भगत अच्छे से की जा रही है कि नहीं.

शुक्रवार को राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा अस्पताल में हालचाल लेने पहुंचे लेकिन उनके पहुंचने से पहले मंत्री जी के स्वागत में अस्पताल के बाहर ग्रीन कार्पेट बिछाया गया था जिसमें चलकर उन्हें अस्पताल के अंदर तक जाना था. यह इस बात को दर्शाता है कि बच्चों की मौत से ज्यादा रास्थान प्रशासन इस बात पर ध्यान दे रहा है कि कुछ भी हो जाए मंत्रियों के स्वागत में कोई कमी न रह जाए.

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भाजपा और अन्य द्वारा इसकी आलोचना किए जाने के बाद जेके लोन अस्पताल प्रशासन ने मंत्री के आगमन से कुछ देर पहले ही कालीन हटा दिया. अस्पताल में स्वागत संबंधी तैयारियों के बारे में पूछे जाने पर शर्मा ने कहा कि जब उन्हें कालीन के बारे में पता चला तो उन्होंने तुरंत अधिकारियों को ऐसी चीजें न करने का निर्देश दिया.

आपको बता दें कि जे के लोन अस्पताल में मासूमों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. दिसंबर 2019 के आखिरी दो दिनों में 9 और बच्चों की मौत से अस्पताल में मरने वाले बच्चों की संख्या 100 पहुंच गई थी और अब बढ़कर संख्या 105 हो गई है यानी जब पूरा देश 2019 को विदा करने और नए साल के स्वागत का जश्न मना रहे थे, तो कोटा के इस अस्पताल में कई मां-बाप अपने बच्चों की जिंदगी बचाने की जद्दोजहद में लगे थे, और कई लोग अपने दिल के टुकड़े को खोने के गम में खोए हुए थे.