नई दिल्ली: पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर गुर्जर आंदोलनकारियों का प्रदर्शन रविवार को भी जारी है. रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन के कारण ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई है. CPRO पश्चिम मध्य रेलवे ने बताया कि सवाई माधोपुर-बयाना खंड (मलारना-निमोडा खंड ) के बीच गुर्जर आंदोलन के कारण दस ट्रेनों को डायवर्ट / शॉर्ट टर्मिनेट या रद्द किया गया है. सवाई माधोपुर-बयाना के बीच गुर्जर आंदोलन के कारण भीड़ ज्यादा हो गई है. पश्चिम रेलवे बांद्रा टर्मिनल से सवाई माधोपुर के लिए 10,11,12,13 और 14 फरवरी को विशेष ट्रेन चलाएगा. यह 10,11,12,13 और 14 फरवरी को बांद्रा के लिए 13.45 बजे एसडब्ल्यूएम से रवाना होगी.

बता दें कि शनिवार को गुर्जर आंदोलनकारियों और सरकारी प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत का कोई हल नहीं निकला. गुर्जर समाज को आरक्षण देने की मांग को लेकर अपने समर्थकों के साथ सवाईमाधोपुर के मलारना डूंगर रेल पटरियों पर बैठे गुर्जर नेता किरोडी सिंह बैंसला ने मुद्दे का हल निकालने के लिये पहुंचे सरकारी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद भी रेल पटरियों से हटने के मना कर दिया था. दूसरे दिन जारी रहे गुर्जर आरक्षण आंदोलन के चलते उत्तर-पश्चिम रेलवे प्रशासन ने शनिवार को तीन सवारी गाड़ियों को रद्द कर दिया था और एक सवारी गाड़ी के मार्ग में परिवर्तन किया था, जबकि पश्चिम मध्य रेलवे ने पिछले दो दिनों में करीब 200 सवारी और एक्सप्रेस रेल गाडियों को रद्द/ आशिंक रूप से रद्द/ मार्ग परिवर्तन किया है.

इस मुद्दे पर राज्य सरकार द्वारा गठित की गई कमेटी के सदस्य पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह और भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी नीरज के पवन आज गुर्जर नेता किरोडी सिंह बैंसला से सवाईमाधोपुर के मलारना डूंगर की रेल पटरियों पर वार्ता के लिये मिले लेकिन बैंसला अपनी मांग पर अड़े रहे.गुर्जर आरक्षण समिति के संयोजक किरोडी सिंह बैंसला ने कहा कि, ‘‘हम यहां से नहीं हटेंगें, धरना जारी रखेंगे, सरकार से कोई समझौता नहीं हुआ है. हम पांच प्रतिशत आरक्षण का आदेश चाहते है.’’ उन्होंने कहा कि गुर्जर समुदाय को पांच प्रतिशत आरक्षण देने का सरकार ने अपने घोषणा पत्र में वादा किया है इसलिये सरकार का दायित्व बनता है कि वह हमें आरक्षण दें.

गुर्जर समाज सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्‍थानों में प्रवेश के लिए गुर्जर, रायका रेबारी, गडिया, लुहार, बंजारा और गड़रिया समाज के लोगों को पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहा है. वर्तमान में अन्‍य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के अतिरिक्‍त 50 प्रतिशत की कानूनी सीमा में गुर्जरों को अति पिछड़ा श्रेणी के तहत एक प्रतिशत आरक्षण अलग से मिल रहा है.