नई दिल्ली: राजस्थान के बड़े नेताओं में से एक राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (Rashtriya Loktantrik Party) के सांसद हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) ने अपनी ही सहयोगी पार्टी बीजेपी की वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) पर बड़ा आरोप लगाया गया है. हनुमान बेनीवाल ने कहा कि अगर राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बची है तो ये अशोक गहलोत के साथ वसुंधरा राजे की भी कोशिश है. वसुंधरा राजे ने अशोक गहलोत के साथ मिलकर सरकार को बचाया. यहां तक कि पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने मनाने के लिए कांग्रेस विधायकों को फोन तक किए. Also Read - बागियों के खिलाफ कांग्रेस विधायकों की नाराजगी स्वभाविकः गहलोत

वसुंधरा ने गहलोत के भ्रष्टाचार पर पर्दा डाला
हनुमान बेनीवाल की पार्टी बीजेपी के एनडीए में शामिल है. हनुमान बेनीवाल ने इस तरह का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी है. हनुमान बेनीवाल ने ट्वीट किया कि राजस्थान में सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gahlot) और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) का गठजोड़ जनता के सामने खुलकर आ गया है. दोनों ने मिलकर एक दूसरे के शासन में दोनों के भ्रष्टाचार पर पर्दा डाला. Also Read - मोदी सरकार के खिलाफ सबसे मुखर हैं राहुल गांधी, इसलिए कांग्रेस कराएगी अध्यक्ष पद पर वापसी!

सरकार बचाने की पुरजोर कोशिश की
पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने अशोक गहलोत की अल्पमत वाली सरकार को बचाने का पुरजोर प्रयास किया और अभी भी कर रही हैं. वसुंधरा राजे द्वारा कांग्रेस के कई विधायको को इस बारे में फोन भी किए गए. प्रदेश व देश की जनता वसुंधरा-गहलोत के आंतरिक गठजोड़ की कहानी को समझ चुकी है. Also Read - राजस्थान में गुरुवार को होगी BJP विधायक दल की बैठक, गुजरात से वापस आएंगे दो दर्जन से अधिक विधायक

कई विधायक अशोक गहलोत की बाड़ेबंदी में कैद
हनुमान बेनीवाल ने ट्वीट किया कि राजस्थान में सरकार के मंत्री व सत्ता पक्ष के कई विधायक सीएम अशोक गहलोत की बाड़ेबंदी में कैद है. जनता शासन से त्रस्त है. किसान टिड्डी से परेशान हो रहे हैं. लोगों के काम नहीं हो रहे हैं. यह लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान है, जिसके जिम्मेदार स्वयं गहलोत है. अल्पमत के कारण अशोक गहलोत ने अपने अवसाद को कल मीडिया पर निकाला. बेहतर होगा कि वो अपने स्वास्थ्य को मद्देनज़र रखते हुए लोकतंत्र के सम्मान में स्वयं आगे आकर सीएम पद से त्याग पत्र दे दें.