जयपुर. राजस्थान में कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदारों में से एक राज्य कांग्रेस प्रमुख सचिन पायलट ने कहा कि 7 दिसंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए उनके और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच भ्रम की कोई स्थिति नहीं है और मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इसका निर्णय पार्टी और निर्वाचित विधायक करेंगे. उनका मानना है कि विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ उनकी पार्टी ‘कृषि संकट और बेरोजगारी’ को मुख्य मुद्दे के तौर पर उठा रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्य में अपने चुनावी प्रचार से वसुंधरा राजे सरकार के खिलाफ ‘विशाल असंतोष’ को किनारे नहीं लगा पाएंगे. Also Read - ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसी घटनाएं अभी और देखने को मिलेंगी, थोड़ा इंतजार कीजिएः शेखावत

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पायलट ने मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में कहा, “हमने ऐसा कभी नहीं किया है. राजस्थान के 70 वर्षो के इतिहास में कांग्रेस पार्टी ने कभी भी किसी एक को (मुख्यमंत्री पद के लिए) नहीं चुना है. चुने हुए विधायक और कांग्रेस पार्टी जो भी निर्णय करेगी, वह हम सभी के लिए स्वीकार्य होगा.” उन्होंने कहा कि नेतृत्व मामले से भ्रम की स्थिति पैदा नहीं हो रही है और पहली प्राथमिकता राज्य में जीत दर्ज करना और असरदार तरीके से जीत दर्ज करना है. यह पूछे जाने पर कि अगर मौका मिलेगा तो क्या वह मुख्यमंत्री बनेंगे, 41 वर्षीय नेता ने कहा कि उन्होंने हमेशा पार्टी के निर्णय का पालन किया है. राजस्थान के कद्दावर नेता रहे राजेश पायलट के बेटे सचिन ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून व व्यवस्था बर्बाद हो गई है. यहां सामाजिक दुर्भाव, मॉब लिंचिंग की घटनाएं, गौरक्षा के नाम पर और सामाजिक अशांति की घटनाएं अपने चरम पर हैं. भाजपा अपने उद्देश्यों को पूरा करने के लिए ‘जाति, समुदाय और धर्म’ का इस्तेमाल करना चाहती है. Also Read - कोटा में बच्चों की मौत पर सचिन पायलट ने अपनी ही सरकार को घेरा, कहा- ‘‘हमें और संवेदनशील होना चाहिए था”

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पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को लोग ‘काफी नापसंद कर रहे हैं.’ पायलट ने कहा, “जब मोदी यहां आएंगे, तो वह अपने आप को वसुंधराजी से अलग नहीं कर सकते. वसुंधरा सरकार के पांच वर्ष के रिकार्ड की वजह से वे भी इसके लिए जवाबदेह हैं. आप कर्नाटक जाते हो और वहां कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाने लगते हो, लेकिन यहां वसुंधरा सरकार को काफी नापसंद किया जा रहा है और लोगों में उनके खिलाफ भारी असंतोष है. मुझे नहीं लगता कि उनका (मोदी का) अभियान इस असंतोष को दबाने में मदद करेगा.” यह बात उन्होंने इस सवाल के जवाब में कही कि ऐसी धारणा पाई जाती है कि मोदी आने वाले कुछ दिनों में अपने जबरदस्त चुनाव प्रचार के जरिए विधानसभा चुनाव में भाजपा का पक्ष मजबूत कर सकते हैं. मोदी राजस्थान में 10 रैलियों को संबोधित करने जा रहे हैं.

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पायलट ने कहा, “उन्होंने (भाजपा ने) यह जानते हुए भी वसुंधरा राजे को प्रोजेक्ट किया है कि उनकी सरकार के विरुद्ध लोगों में गहरा असंतोष है. इसलिए उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी.” पार्टी के मुख्य मुद्दे के बारे में पूछने पर पायलट ने कहा कि राज्य में कृषि संकट सबसे बड़ा मुद्दा है. उन्होंने कहा, “इस संकट की वजह से किसान आत्महत्या कर रहे हैं, कृषि क्षेत्र अशक्त हो रहा है. नौजवान बेरोजगार हैं. राजस्थान जिन दो बड़े मुद्दे का सामना कर रहा है, वे बेरोजगारी और कृषि संकट हैं.” उन्होंने कहा कि महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद राजस्थान में दुष्कर्म के मामलों का औसत उच्च है. उन्होंने कहा कि सत्ता विरोधी लहर से ज्यादा लोग अब कांग्रेस की तरफ अधिक आशा भरी निगाहों से देख रहे हैं.

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