जयपुर: मानसूनी हवाओं के साथ फिर लौटीं टिड्डियां अब तक छह राज्यों के 70 से अधिक जिलों में फसलों पर हमला कर चुकी हैं. इन पर काबू पाने के लिए एक हेलि‍कॉप्टर और 15 ड्रोन के साथ- साथ बड़ी संख्या में मशीनें (वीकल माउंटेंड स्प्रेयर) इस्तेमाल किए जा रहे हैं. इसके अलावा भारतीय वायुसेना भी एक स्वदेशी स्प्रेयर बनाने का प्रयास कर रही है. Also Read - राजस्थान में 52 हज़ार पार हुई संक्रमितों की संख्या, बुरा है इन इलाकों का हाल

राजस्थान में टिड्डी नियंत्रण ऑपरेशन के लिए जैसलमेर में हेलि‍कॉप्टर तैनात किया गया है. एक अधिकारी ने कहा, “हेलि‍कॉप्टर उस क्षेत्र के लिए रवाना हो गया है, जहां हवाई छिड़काव किया जाएगा. कीटनाशक लादने के बाद हेलीकॉप्टर रवाना हुआ है. इसके इस्तेमाल से बड़े क्षेत्रों में कुशलतापूर्वक प्रबंधन करने में मदद मिलेगी.” Also Read - अशोक गहलोत ने कांग्रेस विधायकों को क्यों दिलाई अटल बिहारी वाजपेयी की याद, लिखा ये पत्र

देश में पहली बार टिड्डियों को भगाने व उन पर काबू पाने के लिए 15 ड्रोन लगाए गए हैं. एक अधिकारी ने बताया कि विभाग ने 25 ड्रोन का आर्डर दिया था जिसमें से 15 उसे मिले हैं जिनका इस्तेमाल किया जा रहा है. Also Read - राजस्थान: पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थी परिवार के 11 सदस्य मृत मिले, वजह का पता नहीं

एक हेलि‍काप्टर भी बाड़मेर में इस काम के लिए तैनात है. सूत्रों के अनुसार भारतीय वायुसेना स्वदेशी स्प्रेयर …एयरबोर्न लाकस्ट कंट्रोल सिस्टम (एएलसीएस) बनाने में जुटी है. इसके प्रोटोटाइप का जोधपुर में परीक्षण किया जा रहा है. अगर यह सफल रहता है तो इसका इस्तेमाल भी हेलि‍कॉप्टर में लगाकर टिड्डियों पर दवा छिड़काव के लिए किया जाएगा.

टिड्डी नियंत्रण संगठन ने टिड्डियों पर काबू पाने के लिए अब तक 1.35 लाख हेक्टेयर में दवा छिड़काव व नियंत्रण का काम किया है.

टिड्डी नियंत्रण संगठन जोधपुर के संयुक्त निदेशक डा. संजय आर्य ने को बताया कि अब तक टिड्डियों का हमला छह राज्यों के 71 जिलों में देखा गया है. इनमें राजस्थान के 26, मध्य प्रदेश के 21, उत्तर प्रदेश के 16, गुजरात के पांच, हरियाणा के दो व पंजाब का एक जिला शामिल है.

अधिकारियों के अनुसार ये जिले तो वह हैं जहां संगठन की ओर से टिड्डी नियंत्रण का काम किया गया है, इसके अलावा राज्य सरकारों के कृषि विभाग अपने स्तर पर भी इस काम में लगे हुए हैं. राजस्थान में 800 से ज्यादा ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर इस्तेमाल किए जा रहे हैं.

अधिकारियों के अनुसार संगठन अब तक कुल 1,35,207 हेक्टेयर भूभाग में टिड्डी नियंत्रण के लिए काम कर चुका है. इसमें राजस्थान में 1,22,927 हेक्टेयर भूभाग शामिल हैं. कुल मिलाकर अब तक 1,32,463 लीटर कीटनाशक का छिड़काव किया गया है. इस काम में संगठन के 62 वीकल माउंटेड स्प्रेयर के साथ- साथ राज्य सरकारों के अनेक ट्रैक्टर व अग्निशमन वाहन भी लगे हुए हैं.

बता दें कि एक टिड्डी दल में लाखों की संख्या में टिड्डियां होती हैं और ये दल एक दिन में डेढ़ सौ किलोमीटर तक दूरी तय कर लेते हैं.