जयपुर: कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों से चिंतित राजस्थान सरकार ने शनिवार रात को पड़ोसी राज्यों से लोगों के आवागमन को नियंत्रित करने का फैसला किया. इस नई व्यवस्था के तहत राज्य से बाहर जाने वाले लोगों को जिला कलेक्टर सहित अन्य सक्षम अधिकारियों से पास लेना होगा. Also Read - सर्वे में खुलासा, वर्क फ्रॉम होम जारी रखना चाहते हैं करीब 75 प्रतिशत भारतीय कर्मचारी

गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार बीते कुछ दिनों में राज्य में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है. राज्य सरकार के ध्यान में लाया गया है कि इसकी एक प्रमुख वजह राज्य की सीमाओं पर लोगों की निर्बाध आवाजाही है. इसको देखते हुए राज्य सरकार ने लोगों के अंतर्राज्यीय आवागमन को नियंत्रित करने का फैसला किया है. Also Read - शर्मनाक: 65 साल की महिला ने कोरोना को हराया, पर इंजीनियर बेटे से हारी, घर में घुसने नहीं दे रहा...

इसके तहत पड़ोसी राज्यों से लगती सीमा पर चैक पोस्ट स्थापित की जाएंगी. सड़क मार्ग से निजी बस, टैक्सी या निजी वाहन से आने वाले लोगों की वहां स्क्रीनिंग होगी तथा उनके व्यक्तिगत पहचान पत्र जांचे जाएंगे. राज्य से बाहर जाने के लिए लोगों को सक्षम अधिकारी से पास लेना होगा. Also Read - तबलीगी जमात को लेकर गृह मंत्रालय ने बयान जारी कर कही यह बात...

उल्लेखनीय है कि राज्य में कोरोना वायरस संक्रमितों की कुल संख्या शनिवार रात तक 23748 हो गई जिनमें से 5376 रोगी उपचाराधीन हैं. राज्य में इस वायरस से 503 लोगों की मौत हो चुकी है.

आपको बता दें कि कल राजस्थान में ADG लॉ एंड ऑर्डर सौरभ श्रीवास्तव द्वारा जारी एक आदेश के बाद से सील कर दिया गया है. सुरक्षा के लिहाज से यह कदम राजस्थान पुलिस द्वारा उठाया गया है. बता दें कि अब से राज्य की सीमा में प्रवेश करने वाले वाहनों की तलाशी ली जाएगी. सीमा पर पुलिस की सख्त नाकाबंदी होगी. बता दें राजस्थान में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं के कारण ऐसा फैसला लिया गया है.