जयपुरः राजस्थान में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. भीलवाडा जिलें के कारोई थाना क्षेत्र में सर्दी जुकाम से पीड़ित एक चार माह की मासूम को इलाज के नाम पर गरम लोहे की छड़ से दागा गया. पुलिस ने बताया कि मासूम को जिले के एक अस्पताल में आईसीयू में भर्ती कराया गया है. थाना अधिकारी सुनील चौधरी ने बताया कि रामाखेडा गांव की चार माह की मासूम नंदिनी को तबियत बिगड़ने पर भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती कराया गया. Also Read - राजस्थान सरकार का फैसला, ग्रामीण क्षेत्रों में 1 जुलाई से छोटे मंदिर फिर से खुलेंगे

उन्होंने बताया कि मामला प्रकाश में तब आया जब डॉक्टरों ने मासूम को गरम लोहे की छड़ से दागने के बारे में बताया. उन्होंने बताया कि मासूम को दो दिन पहले गरम लोहे की छड़ से दागा गया था, लेकिन मामले का खुलासा सोमवार को हुआ. उन्होंने बताया कि बाल कल्याण समिति की ओर से दर्ज शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की जा रही है. Also Read - Coronavirus in Rajasthan Update: 24 घंटे में 121 नए मामले, कोविड-19 से अब तक 400 से अधिक लोगों की मौत

अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया कि बच्ची के पेट पर गरम लोहे की छड़ से दागा गया है. महात्मा गांधी अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर ओ पी आगल ने बताया कि मासूम निमोनिया और दिल की बीमारी से पीडित है. भीलवाडा में अंधविश्वास के चलते सर्दी जुकाम के इलाज के लिए गरम लोहे की छड़ों से दागा जाता है. मासूम का आईसीयू में इलाज चल रहा है. उन्होंने बताया कि भीलवाडा में अंधविश्वास की यह पहली घटना नहीं है. इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं और कई मासूमों की जान जा चुकी है. Also Read - राजस्थान सरकार ने बदला 14 दिन के अनिवार्य होम क्वारंटाइन का नियम, अब दूसरे प्रदेश से गए तो...