जयपुर: राजस्थान में निवेश प्रभावित होने के लेकर उद्योग संगठन एसोचैम ने एक रिपोर्ट में चौंका देने वाला खुलासा किया है. एसोचैम ने इसके लिए सरकारी तंत्र की देरी और कुशल श्रमिकों की कमी को एक बड़ा कारण बताया है. एसोचैम के अनुसार, राज्य में परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण विभाग की मंजूरी तथा अन्य सरकारी स्वीकृतियों में देरी और कुशल श्रमिक की कमी के कारण निवेश परियोजनाओं की लागत काफी बढ़ गयी है. Also Read - Rajasthan में 31 हजार शिक्षकों की भर्ती को मंजूरी मिली, ऐसी होगी Recruitment Process

राजस्थान सरकार के उद्योग विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एसोचैम की रिपोर्ट से अनभिज्ञता जताते हुए टिप्पणी करने से इंकार कर दिया . Also Read - Priest Murder Case: राजस्थान सरकार ने पुजारी की हत्या मामले की जांच CID-CB से कराने के दिए निर्देश

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस व्यापार प्रकोष्ठ के नेता सीता राम अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश में निवेश का माहौल तैयार किया था और काफी निवेश भी हुआ था लेकिन मौजूदा सरकार की नीतियों ने उद्योग क्षेत्र में सब खराब कर दिया है. Also Read - राजस्थान: मृतक पुजारी का हुआ अंतिम संस्कार, सरकार 10 लाख रुपये की मदद और नौकरी देगी

एसोचैम की रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान में निवेश परियोजनाओं के क्रियान्वयन में औसतन 35 महीने की देरी हो चुकी है. रिपोर्ट के अनुसार, देर हुई परियोजनाओं में विनिर्माण क्षेत्र की 46.6 प्रतिशत, सेवा क्षेत्र की 16.5 प्रतिशत और बिजली क्षेत्र की 13.9 प्रतिशत परियोजनाएं शामिल हैं.

(एजेंसी इनपुट के साथ)