Rajasthan Crime News: जोधपुर जिले के खेड़ापा थाना इलाके में रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक नाबालिग लड़के ने अपनी नाबालिग चचेरी बहन के साथ बार-बार दुष्कर्म किया जिससे वह लड़की गर्भवती हो गई. डर के मारे पीड़िता ने घरवालों से ये बात छिपाई. अब लड़की ने जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में शुक्रवार को अपने ही भाई की बेटी को जन्म दिया है. परिजनों ने लोकलाज के कारण इतने दिनों तक चुप्पी साधे रखी.Also Read - Crime News: आंध्रप्रदेश में दिल दहला देने वाला मामला- महिला ने पति की हत्या की, कटा सिर लेकर पहुंची थाने

नाबालिग भाई के खिलाफ केस दर्ज किया गया है Also Read - Mumbai Hindi News: नाबालिग संग दुष्कर्म के आरोप में पिता गिरफ्तार, भाई ने भी किया गलत काम

बच्ची के जन्म के बाद पुलिस और बाल कल्याण समिति की ओर से लगातार की गई काउंसलिंग के बाद आखिरकार पीड़िता और उसके परिजनों ने जुबान खोली तो रिश्तों को शर्मसार करने वाली हकीकत सामने आई है. पीड़िता दसवीं कक्षा में पढ़ती है. तो वहीं, मामले का आरोपी चेचेरा भाई भी नाबालिग बताया जा रहा है. पुलिस आरोपी की उम्र की पुष्टि के लिए उसके स्कूल का रिकॉर्ड निकलवा रही है. आरोपी  लड़के के खिलाफ पोक्सो एक्ट की धाराओं के तहत रेप का मामला दर्ज किया गया है. Also Read - Mumbai Hindi News: मुंबई में पहली बार 'गे सेक्स रैकेट' का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार

गर्मी की छुट्टियों में आया था घर, कर दिया ये बड़ा कांड

खेड़ापा थानाधिकारी ने बताया कि पीड़िता के अनुसार गर्मी की छुट्टियों में चचेरा भाई  घर आया था और एक रात उसने उसके साथ ज्यादती की. शर्म के मारे उसने ये बात किसी से नहीं बताई. इसका फायदा उठाते हुये आरोपी ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया. इसके कारण वह गर्भवती हो गई. इस बात की जानकारी जब परिजनों को हुई तो परिवार के लोगों ने समाज की शर्म के मारे बात को छिपाये रखा. जब पीड़िता को प्रसव पीड़ा हुई तो उसे उम्मेद अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने एक बच्ची को जन्म दिया है.

पीड़ित लड़की और बच्चे को अपनाने से किया इनकार
जब इस घटना की सूचना बाल कल्याण समिति और खेड़ापा थाना को मिली तो बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉक्टर धनपत गुर्जर ने अस्पताल अधीक्षक को बालिका के स्वास्थ्य को लेकर सजगता बरतने के निर्देश दिए. प्रसव के बाद नाबालिग छात्रा की स्थिति बिगड़ गई थी जिसमें सुधार आया है. परिजनों ने अब पीड़िता और नवजात को अपनाने से इनकार कर दिया है और नवजात को बाल कल्याण समिति के मार्फत शिशु गृह को सौंपने की बात कही है.