जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे को कम से कम करने के लिए 31 मई के बाद भी प्रदेशभर में रात्रिकालीन कर्फ्यू जारी रखा जाए और इसमें किसी तरह की शिथिलता नहीं हो. Also Read - कोरोना के हवा से फैलने के दावे से घबराए नहीं, बस करिए ये काम, जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ 

उन्होंने कहा कि निरूद्ध क्षेत्र का पुनःनिर्धारण सक्रिय संक्रमित मामलों की संख्या के अनुसार किया जाए, ताकि केवल संक्रमित क्षेत्र में ही कफ्र्यू जारी रखा जाए. गहलोत शुक्रवार को अपने निवास पर कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में समीक्षा कर रहे थे. Also Read - कोरोना वायरस को हवा में मारने वाला फिल्टर बना, तो क्या अब प्लेन, क्लास रूम जैसी जगहों पर नहीं रहेगा डर?

उन्होंने निर्देश दिए कि राजस्थान महामारी अध्यादेश के तहत लागू जुर्माने के प्रावधानों में किसी तरह की शिथिलता नहीं बरती जाए. उन्होंने कहा कि यह लोगों के जीवन की रक्षा एवं जनस्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है. Also Read - ENG vs WI: विंडीज ने 32 साल पहले जीती थी इंग्‍लैंड में आखिरी टेस्‍ट सीरीज, जानें क्‍या कहते हैं आंकड़े !

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों को निशुल्क इलाज उपलब्ध कराने के लिए निजी अस्पताल मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाएं.

उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश के राजकीय चिकित्सालयों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन अथवा कोरोना महामारी की वजह से आमजन को असाध्य एवं अन्य सामान्य बीमारियों के उपचार को लेकर किसी परेशानी का सामना नहीं करना पडे़.