जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे को कम से कम करने के लिए 31 मई के बाद भी प्रदेशभर में रात्रिकालीन कर्फ्यू जारी रखा जाए और इसमें किसी तरह की शिथिलता नहीं हो.Also Read - Assembly Polls 2022: कोरोना के मामलों के बीच क्या रैलियों, रोड शो पर लगी पाबंदियां बढ़ेंगी? चुनाव आयोग की अहम बैठक आज

उन्होंने कहा कि निरूद्ध क्षेत्र का पुनःनिर्धारण सक्रिय संक्रमित मामलों की संख्या के अनुसार किया जाए, ताकि केवल संक्रमित क्षेत्र में ही कफ्र्यू जारी रखा जाए. गहलोत शुक्रवार को अपने निवास पर कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में समीक्षा कर रहे थे. Also Read - Booster Dose: कोरोना के बूस्टर डोज को लेकर WHO की तरफ से आया यह बयान...

उन्होंने निर्देश दिए कि राजस्थान महामारी अध्यादेश के तहत लागू जुर्माने के प्रावधानों में किसी तरह की शिथिलता नहीं बरती जाए. उन्होंने कहा कि यह लोगों के जीवन की रक्षा एवं जनस्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है. Also Read - Jammu Kashmir: बर्फ से ढके पहाड़ों पर 7-8 घंटे पैदल चलकर लगाने जाते हैं कोरोना वैक्सीन, तस्वीरें देख स्वास्थ्यकर्मियों को करेंगे सलाम!

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों को निशुल्क इलाज उपलब्ध कराने के लिए निजी अस्पताल मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाएं.

उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश के राजकीय चिकित्सालयों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन अथवा कोरोना महामारी की वजह से आमजन को असाध्य एवं अन्य सामान्य बीमारियों के उपचार को लेकर किसी परेशानी का सामना नहीं करना पडे़.