जयपुर: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कांग्रेस और पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर निशाना साधते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर की दुर्दशा के लिए इनकी नीतियां जिम्मेदार हैं. उन्होंने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को हटाए जाने को भाजपा के संघर्ष की जीत बताया. केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री गडकरी यहां ‘नये भारत का एक संकल्प एक राष्ट्र- एक संविधान’ विषय पर एक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे.

कश्मीर से अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों और अनुच्छेद 35 ए को हटाए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मैं आपको बताना चाहता हूं कि पूरे देश के लोगों में यह भावना थी और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि राज्यसभा में राजग और भाजपा का बहुमत नहीं है और जो लोग हमारा विरोध कर रहे थे उन पार्टियों ने भी वहां इस बात का समर्थन किया. यह भी हमारी बहुत बड़ी जीत है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की गलत नीतियों का शिकार हुआ है कश्मीर. कश्मीर में न तो विकास हुआ और न ही कश्मीर की गरीबी दूर हुई. लगातार तुष्टिकरण की नीति के कारण कश्मीर की यह दुर्दशा हुई.

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कश्मीर में अनुच्छेद 370 का विरोध
उन्होंने कहा कि इसका सबसे बड़ा कारण अगर कोई था तो कांग्रेस की नीति और विशेष रूप से देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की नीति थी. इतिहास का जिक्र करते हुए गडकरी ने कहा कि संविधान सभा के अध्यक्ष डा.भीमराव आंबेडकर सहित अनेक सदस्यों ने कश्मीर में अनुच्छेद 370 के विचार का विरोध किया था लेकिन नेहरू जी ने सबको दरकिनार कर दिया.

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भाजपा ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर 70 साल पुरानी गलती सुधारी
गडकरी ने कहा कि शेख अब्दुला ही पंडित नेहरू के कहने पर इस मुद्दे पर बाबा साहेब आंबडेकर से मिलने के लिए आए. बाबा साहेब के विरोध के बावजूद पंडित नेहरू ने आग्रह करके इस बात को संविधान सभा में पास करने के लिए सब लोगों केा मजबूर किया और यहीं बहुत बड़ी गलती हुई. उन्होंने कहा कि भाजपा ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर 70 साल पुरानी गलती सुधारी है. उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि अनुच्छेद 370 समाप्त करना हमारे संघर्ष की विजय है. यह हमारी प्रतिबद्धता की विजय है.