जयपुर: कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने जहां अपने ही परिवार के सदस्य को पार्टी का महासचिव नियुक्त किया है और कई कांग्रेस के नेताओं पर परिवार के आरोप लग रहे हैं, वहीं इस बीच राजस्थान के उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने साफ कर दिया कि उनके परिवार का कोई भी व्यक्ति लोकसभा सीट के लिए चुनाव नहीं लड़ रहा है और न ही वह अपनों के लिए टिकट की मांग करेंगे. उन्हेंने कहा कि अगर मैं अपने परिवार के लोगों की पैरवी करूंगा तो पार्टी के कार्यकर्ताओं का क्या होगा. Also Read - Nathuram Godse की मूर्ति लगाने में शामिल रहे Hindu Mahasabha के नेता ने ज्‍वाइन की Congress, एमपी में सियासत गर्माई

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मंगलवार को स्पष्ट किया कि उनके परिवार का कोई सदस्य आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेगा. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी के निष्ठावान व मेहनती कार्यकर्ताओं को मौका मिलना चाहिए. एक सवाल के जवाब में पायलट ने कहा, ”मेरे परिवार से कोई भी व्यक्ति लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ने जा रहा है. मुझे पार्टी ने इतना बड़ा पद दिया है, मैं राजस्थान का उपमुख्यमंत्री हूं. आज भी अगर मैं टिकट के लिए अपने परिजनों की पैरवी करूंगा तो कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का क्या होगा.”

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पायलट ने कहा, ”हम चाहते हैं कि अच्छे निष्ठावान मेहनती कार्यकर्ताओं को मौका मिले और जो जीतने वाले व्यक्ति हों उन्हें हम टिकट देकर चुनाव लड़ाएं.”

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पायलट ने महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित करने के सवाल पर कहा कि जहां भी कांग्रेस की सरकारें हैं, वहां इसे लागू किया जाएगा. उन्होंने कहा, सोनिया गांधी और राहुल गांधी महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें आरक्षित की बात कह चुके हैं. जहां-जहां हमारी सरकार है हम इसे लागू भी करेंगे.’ इसके साथ ही पायलट ने कहा कि इस मुद्दे पर भाजपा का दोहरा चेहरा बेनकाब हो चुका है क्योंकि पांच साल केंद्र में पूर्ण बहुमत की सरकार होने के बावजूद उसने संसद में इसे आगे नहीं बढ़ाया.

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