नई दिल्‍ली: राजस्‍थान में कांग्रेस में मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट गुट में अब ऑडियो-वीडियो वायरल करने की जंग भी चल निकली है. गहलोत गुट ने विधायक शर्मा का एक तथाकथित ऑडियो जारी किया तो इसके जवाब में 7वीं बार विधायक बने कांग्रेस के सीनियर नेता शर्मा ने सीएम अशोक गहलोत पर एक बड़ा आरोप लगाया है. अपनी सफाई उन्‍होंने वीडियो जारी कर दी है. वहीं, मामले की आज हाईकोर्ट में सुनवाई हो सकती है. Also Read - पंजाब, राजस्थान की सरकारों ने बलात्कार के मामलों में न्याय में रुकावट डाली तो वहां भी लड़ूंगा: राहुल

पूर्व मंत्री एवं सचिन पायलट खेमे के विधायक भंवरलाल शर्मा पर आरोप लगा है कि वह कई बार निर्वाचित सरकार गिराने का प्रयास कर चुके हैं और इस बार उन्होंने यह कोशिश पायलट के साथ मिलकर की हालांकि सफलता उन्हें कभी नहीं मिली. Also Read - अब मैदान-ए-जंग में दुश्मनों के टैंक होंगे खाक, भारत ने इस खतरनाक मिसाइल का किया सफल परीक्षण

सचिन पायलट गुट के सीनियर विधायक भंवरलाल शर्मा ने कहा, ऑडियो जो वायरल हुआ है वह फेक है. सीएम के लिए विशेष कर्तव्य पर अधिकारी, लोकेश शर्मा विधायकों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं क्‍योंकि सीएम सदमें हैं.

बता दें मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत खेमे की ओर से गुरुवार रात जारी एक बयान में कहा गया, ”शर्मा ने 90 के दशक में सरकार गिराने के कई प्रयास किए थे. यह सचिन पायलट के साथ मिलकर सरकार गिराने का उनका पांचवां प्रयास है. पर ये कभी सफल नहीं हुए.

बयान में कहा गया, ”उस वक्त 90 के दशक में अशोक गहलोत ने केन्द्रीय मंत्री रहते हुए और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए हमेशा भाजपा की सरकार गिराने का कड़ा विरोध किया तथा कहा कि ये खरीद-फरोख्त से सरकार गिराना हमारे राजस्थान में परंपरा नहीं है.”

हाईकोर्ट में आज हो सकती है सुनवाई
सचिन पायलट और 18 अन्य बागी कांग्रेस विधायकों ने गुरुवार को उन्हें राज्य विधानसभा से अयोग्य करार देने की कांग्रेस की मांग पर विधानसभा अध्यक्ष द्वारा भेजे गये नोटिस को चुनौती दी है. इस मामले में राजस्थान हाईकोर्ट की एक खंडपीठ शुक्रवार दोपहर एक बजे सुनवाई कर सकती है. नोटिस पाने वाले अन्य विधायकों में दीपेन्द्र सिंह शेखावत, भंवरलाल शर्मा और हरीश चन्द्र मीणा भी शामिल हैं. इन्होंने भी गहलोत सरकार को चुनौती देते हुए मीडिया में बयान दिए थे. साल 2018 के
विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस द्वारा अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद से ही सचिन पायलट नाराज चल रहे थे. राजस्थान की 200 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के पास 107 और भाजपा के पास 72 विधायक हैं.