जोधपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को बैंक के फंसे कर्ज को लेकर कांग्रेस पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि उसके कार्यकाल में ‘नामदार’ के फोन पर बैंक पैसा देते थे. उन्होंने कहा कि ‘कांग्रेस का ताबीज’ बुरे काम करने वालों को बचाता था. उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली से खासमखास लोगों ने सीमावर्ती इलाकों में मुफ्त के दाम जमीनें हड़पीं. राजस्थान के मारवाड़ इलाके के प्रमुख ऐतिहासिक शहर जोधपुर में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मोदी ने मुख्य विपक्षी दल व कांग्रेस अध्यक्ष को कई मुद्दों पर घेरा. मोदी अपनी सभाओं में राहुल गांधी के लिए ‘नामदार’ व खुद के लिए ‘कामदार’ शब्द इस्तेमाल करते हैं.

मुफ्त के दाम पर यहां के किसानों की जमीनें हड़पी
मोदी ने कहा, ”आज जो किसानों के नाम पर घड़ियाली आंसू बहाते हैं, वे राजस्थान के इस इलाके में आकर देखें कि दिल्ली से खासमखास लोगों ने आकर के मुफ्त के दाम पर यहां के किसानों की जमीनें हड़प की हैं.. कि नहीं की हैं?” मोदी ने कहा किसानों से घोर अन्याय हुआ. उन्होंने कहा, ”अगर उन किसानों को पता होता कि भविष्य में यहां सोलर का बहुत बड़ा पार्क बनने वाला है तो किसानों ने ये जमीन दे दी होती क्या?”

कुछ करने की जरूरत नहीं, कांग्रेस का ताबीज बांध लो
प्रधानमंत्री ने ‘कांग्रेस ताबीज’ का जिक्र करते हुए कहा, ”मैं आपको समझाना चाहता हूं इन्होंने कांग्रेस नाम का एक ताबीज बनाकर रखा है. जो गलत काम करते हैं, बुरा काम करते हैं सरकारी खजाने से लूट चलाते हैं, बैंकों से पैसे मार लेते हैं उनको कुछ करने की जरूरत नहीं यह कांग्रेस का ताबीज बांध लो तो उनको एक रक्षा कवच मिल जाता था.”

टेलीफोन करके बैंकों को लूटा गया
मोदी ने आरोप लगाया कि देश आजाद होने के बाद देश में जितना पैसा लोगों को दिया गया उससे ज्यादा 2006 से 2014 के दौरान दिया गया. टेलीफोन करके बैंकों को लूटा गया. नामदार के टेलीफोन जाते थे और बैंक से पैसे दिए जाते थे. इसके साथ ही दिवाला व ऋणशोधन कानून की ओर इशारा करते हुए मोदी ने कहा कि हमने पाई- पाई वापस लेने के लिए कानून बनाया. उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े करोड़पतियों को रोडपति बनाकर छोड़ दिया और रुपए सारे लाकर दिए. जिन्होंने देश का पैसा लूटा है उनसे रुपया वापस लेने के लिए हमने कठोर कानून बनाया. अभी तो डंडा थोड़े लोगों पर चला है लेकिन तीन लाख करोड़ रुपये जमा करवा दिए.”

कांग्रेस किसानों के नाम पर झूठ चला रही 
किसानों की हालत को लेकर भी मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि वह किसानों के नाम पर झूठ चला रहे हैं. उन्होंने कहा, गुलाब का फूल लगाकर घूमने वालों को बगीचों का ज्ञान था उन्हें खेतों का कोई ज्ञान नहीं था. अगर देश के पहले प्रधानमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल बने होते तो मेरे देश के किसान की यह दुर्दशा नहीं होती. जो तिल और सरसों में फर्क नहीं कर पाते वो हमें ज्ञान देने निकले हैं.

हलफनामे में भगवान राम के अस्तित्व को नकारा था
मोदी ने कहा कि स्वामीनाथन आयोग ने अपनी रिपोर्ट 2006 में दी थी अगर उसे लागू कर दिया होता तो मेरे किसान को कोई मुसीबत नहीं होती आज व्यवस्था बन गई होती. मोदी ने पर्यावरण संरक्षण में बिश्नोई समाज के योगदान का जिक्र करते हुए कहा, ”जब दुनिया को ग्लोबल वार्मिंग का ‘ग’ मालूम नहीं था, जब दुनिया को पर्यावरण क्या होता है उसका ‘प’ भी नहीं मालूम था तब सदियों से इस राजस्थान के विश्नोई समाज ने पर्यावरण की रक्षा के लिए बलिदान दिया.” उन्होंने कहा कि कांग्रेस की अगुवाई वाली संप्रग सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिए अपने हलफनामे में भगवान राम के अस्तित्व को नकारा था.