नई दिल्ली: सचिन पायलट (Sachin Pilot) आखिर क्यों नाराज़ थे. और नाराजगी भी ऐसी और इतनी क्यों कि वह पार्टी और कांग्रेस से बगावत पर उतर आए. बगावत के बाद सचिन खेमे से बयान आया था कि राजस्थान में गहलोत सरकार अल्पमत में है. और करीब 30 विधायक मेरे साथ हैं.’ इस बयान और सचिन पायलट और उनके खेमे के विधायकों के गुडगाँव में डेरा जमा लेने के बाद ऐसी खलबली मची कि जयपुर से लेकर दिल्ली तक का सियासी पारा एकाएक चढ़ गया. इस बीच बीजेपी भी एक्टिव हुई. कांग्रेस ने लगातार आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार को गिराने की कोशिश में है. गहलोत ने पीएम मोदी को पत्र लिखा और सचिन पायलट को निकम्मा और नकारा तक कह दिया. इसके बाद कुछ कांग्रेस के नेताओं ने सचिन पायलट को बीजेपी नेता तक बता डाला. चर्चा भी हुई कि सचिन पायलट बीजेपी में जा सकते हैं. वह बीजेपी के संपर्क में हैं. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उनके समर्थन में ट्वीट कर दिया तो इसके बाद इस चर्चा ने ज़ोर पकड़ लिया. Also Read - मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने किसानों का कर्ज माफ किया, भाजपा ने झूठ बोला, सच सामने आया: राहुल गांधी

नाराजगी की बताई ये मुख्य वजह
खैर, अब सचिन पायलट वापस लौट आए हैं. सचिन पायलट खेमे के विधायक गुडगाँव से वापस जयपुर पहुँच गए हैं. बदले सुर के बाद इन विधायकों ने अशोक गहलोत को अपना नेता कहा है. सामने आए सचिन पायलट ने कई बातों के साथ अपनी नाराजगी की मुख्य वजह के मुक़दमे को बताया है कि जो उनके खिलाफ किया गया था. कहा जा रहा था कि सचिन सीएम बनना चाहते थे, इसलिए बगावत की, लेकिन सचिन ने किसी पद की लालसा से इनकार किया. सचिन पायलट ने कहा कि उनकी कई बिन्दुओं पर नाराजगी थी, इनमें से उनके ऊपर किया गया वह देशद्रोह का मुकदमा भी था, जो एसओजी ने दर्ज किया था. सचिन ने सबसे पहले जो बात कही वो यही कि ऐसा नहीं होना चाहिए थे. Also Read - चिकित्सा जांच के बाद स्वदेश लौटीं सोनिया गांधी, राहुल भी वापस आए

सम्मान की लड़ाई थी, पद की नहीं, सरकार चलाएंगे
इसके साथ ही सचिन ने कहा कि सरकार के काम करने के तरीके में उन्हें कुछ आपत्तियां थीं. कुछ विधायकों की बात नहीं सुनी जा रही थी. नाराजगी सैधांतिक और विचारों को लेकर थी. सरकार को गिराने की कोई मंशा नहीं थी. अगर पार्टी पद लेती है तो पद दे भी सकती है. मेरा नाराजगी पद के लिए नहीं, सम्मान के लिए थी. Also Read - दिल्ली: प्रियंका गांधी से मिले डॉ. कफील खान, पत्नी व बच्चे भी रहे साथ

फिर से मिल सकते हैं पद
सचिन की इन बातों से माना जा रहा है कि सचिन को वो सब पद फिर से मिल सकते हैं जो उनके छीन लिए गए थे. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और डिप्टी सीएम फिर से बनाया जा सकता है. वहीं ये भी कहा जा रहा है कि सचिन पायलट को कांग्रेस अब केंद्र की राजनीति में लेकर आएगी.

इसलिए गांधी परिवार को कहा शुक्रिया
सचिन पायलट से सोनिया गांधी, राहुल और प्रियंका गांधी की मुलाक़ात हुई. लम्बी बातचीत हुई. इसके बाद सोनिया गांधी ने तीन सदस्यीय कमेटी भी बनाई है, जिसमें प्रियंका गांधी भी शामिल हैं. प्रियंका सहित तीन सदस्यीय टीम ने आज सचिन से मुलाक़ात कर उनकी बात सुनी. बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों में प्रियंका गांधी ने सचिन पायलट से कई बार मुलाक़ात की थी. प्रियंका सचिन के लगातार टच में थीं. प्रियंका को उस टीम में भी रखा गया है कि जिन्हें सचिन की बात सुनकर सभी शिकायतों को दूर करना है.